- विवाहिताओं ने ससुरालियों पर दहेज को लेकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का लगाया आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरकार की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के बाद भी दहेज उत्पीड़न के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे है। आए दिन थानों में दहेज को लेकर विवाहिता को परेशान किए जाने के मामले सामने आ रहे है। ऐसे ही मामले नौचंदी और ब्रह्मपुरी थाने में भी आया है। जिनमें विवाहिताओं को मांग पूरी ना होने पर दहेज लोभी ससुरालियों की ओर से मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया गया। दोनों थानों में ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस दोनों मामलों की जांच पड़ताल में जुट गई है।
शास्त्री नगर निवासी विवाहिता तनु भट्ट ने नौचंदी थाने में दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि उसकी शादी फरवरी 2024 में शुभम शर्मा निवासी मुजफ्फरनगर के साथ हुई थी। उसके पिता ने शादी में 20 लाख रुपये खर्च किए थे। आरोप है कि पति शुभम शर्मा, ससुर अनिल शर्मा, सास मंजू शर्मा और नन्द शिप्रा उर्फ पारुल शर्मा शादी के बाद से ही उसे ताने देने लगे थे। शादी में कार और नकदी ना मिलने की वजह से आए दिन उसके साथ मारपीट करते हुए परेशान किया जाने लगा। पीड़िता ने बताया कि पांच सितंबर को एक लड़की उसकी ससुराल में आई और उसके पति शुभम के साथ कमरे में चली गई, जहां वह दोनों गलत हरकते करने लगे।
जब उसने विरोध किया तो ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की। पति शुभम शर्मा ने जान से मारने की नीयत से चाकू से वार कर दिया। इसके बाद उसने पुलिस को फोन किया। पुलिस के आने पर किसी तरह पीड़िता की जान बच सकी। नौचंदी धाना पुलिस ने दहेज उत्पीड़न के मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए जांच पड़ताल शुरू की। उधर, ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के रहने वाली एक विवाहिता ने बताया कि उसकी शादी दिसंबर 2022 में टीपी नगर क्षेत्र के सुमित कपूर नाम के युवक से हुई थी। पिता ने शादी में कार और जेवरात देते हुए 40 लाख रुपये खर्च किए थे। बावजूद इसके ससुराल पक्ष के लोग खुश नहीं थे।
वह लगातार उसे ताने देते थे और कहते थे कि उनके लड़के का रिश्ता 2-3 करोड़ रुपये का होता। आए दिन उसने प्रताड़ित किया जाने लगा। 2023 में लोहड़ी के त्यौहार पर पीड़िता से देवर के लिए आॅटोमेटिक कार की डिमांड की गई। मांग पूरी ना होने पर पीड़िता के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उसके साथ अप्राकृतिक तरीके से संबंध बनाए गए। मार्च 2024 में भी उसे जान से मारने की कोशिश की गई। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सास, ससुर, देवर और नन्द के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जांच बदलवाने को एडीजी से गुहार
किठौर: ढाई महीने पूर्व हुई फायरिंग की वारदात व इंटरनेट मीडिया पर अवैध असलहे सहित वीडियो प्रसारण मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने एडीजी से विवेचना स्थानांतरण की गुहार की है। किठौर के मोहल्ला मौसमखानी निवासी अली मुर्तजा पुत्र अफजाल ने एडीजी को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि गत 25 जून को मोहल्ले के मुहम्मद उमर पुत्र रहम इलाही ने उस मोहल्ले के लोगों पर फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। पीड़ित द्वारा नामजद तहरीर दिए जाने के बावजूद 28 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज हुई।
बकौल मुर्तजा मुहम्मद उमर अपनी अवैध बंदूक से मोहल्ले के लोगों पर रौब गालिब करता है। उसने इंटरनेट मीडिया पर भी बंदूक सहित अपना वीडियो प्रसारित कर रखा है। पीड़ित ने पुलिस से इसकी भी शिकायत की। आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने दबाव के चलते आरोपी को पकड़ना तो दूर पूछताछ तक की जहमत नही उठाई। आरोप है कि विवेचक ने दो दिन पूर्व आरोपी से प्लास्टिक की नकली बंदूक लेकर मुकदमें में एफआर लगा दी।
पीड़ित ने एडीजी को बताया कि मुहम्मद उमर गुंडा और खूंखार अपराधी है। उसने एडीजी से उक्त मुकदमे की विवेचना पुलिस की स्पेशल सेल या अन्य थाने से कराने की गुहार की है। एडीजी ध्रुव कुमार ठाकुर ने पीड़ित को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इंस्पेक्टर ब्रजेश पांडेय का कहना है कि एफआर लगाने का आरोप निराधार हैं। विवेचना निष्पक्ष जारी है।

