- नेता देश में विकास कराने वाला व सभी धर्मों को आदर करने वाला हो
जनवाणी संवाददाता |
परीक्षितगढ़: नगर में व्यापारी की दुकान पर लोग चुनावी समर का लुप्त उठा रहे थे। दुकान पर धर्म जाति का मिलाप था। चुनाव पर चर्चा का माहौल गरमाया हुआ था। जनवाणी संवाददाता ने लोगों से रूबरू होकर बात की। इस दौरान मतदाताओं का कहना है कि इस बार चुनाव में जाति धर्म का बहिष्कार होना चाहिए। वोट उसे देंगे जो विकास करा सके।

नगर के होली वाला मोहल्ला में व्यापारी शकील की दुकान पर पूर्व प्रधान गांव अगवानपुर सलीम कुरैशी, वकील अहमद गांवड़ा, चमन प्रधान असीलपुर, डा. राजकुमार जाटव आदि बैठे थे। इस दौरान वह विधानसभा चुनाव पर चर्चा करने में मशगूल हो गए। इस मौके पर सलीम कुरैशी ने कहा कि समय विकास के लिए सोचने का है। देश में विकास होगा। विश्वविद्यालय, अस्पताल, बच्चों के लिए खेलकूद का मैदान आदि होंगे। तभी देश तरक्की कर सकता है और जनता को लाभ मिलेगा। जाति धर्म करते रहने से बदलाव थोड़ा आएगा।
वकील गांवड़ा इसी बीच बोले कि महंगाई पर भी सरकार को लगाम लगानी चाहिए। बिजली महंगी है। बिल भरने में पसीना निकल जाता है। जिससे आम जनता का जीना मुश्किल हो चला है। चुनाव में विकास के मुद्दे नजर आने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं। पहले चुनाव विकास के नाम पर होता था, लेकिन चुनाव जाति धर्म पर बंटता जा रहा है। लोगों को जाति धर्म से ऊपर उठकर ऐसे नेता को चुनना चाहिए जो क्षेत्र में विकास करा सके।
चमन प्रधान कहा कि जाति धर्म से न तो समाज का भला हो सकता है और नहीं ही देश का। हमें इस बार चुनाव में सोच समझकर वोट करना है। जो समाज व देश के हित में कार्य करे। चुनाव में जनता से किए गए वादों को पूरा करने वाला नेता होना चाहिए। क्षेत्र में विकास होगा तो युवाओं को रोजागार के अवसर मिलेंगे।
व्यापारी शकील अहमद कुछ ने कहा कि जाति धर्म की बजाय रोजगार पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। युवाओं का समय पूरा संघर्ष में बीत जाएगा। तब रोजगार या समाज के लिए कुछ कर पाएंगे। युवाओं को भी जाति धर्म के चक्कर में नहीं पढ़ना चाहिए और युवाओं का ध्यान रखने वाले दल के बारे में सोचना चाहिए।
डा. राजकुमार जाटव ने माहौल को गर्म करते हुए कहा कि लोगों ने मन बना लिया है। उन्हें किस नेता को वोट देना है। युवाओं के साथ लोग भी जाति धर्म के बजाय रोजगार व विकास जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते हैं। नेताओं के बहकावे में लोग अब नहीं आते हैं। वोट किसे देनी है। पहले से तय कर रखी है।

