जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी शहर में अवैध तरीके से की जा रही पटाखा बिक्री के खिलाफ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने अभियान चला रखा है। जिसके चलते मंगलवार देर शाम को सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ कोतवाली ने देहली गेट पुलिस के साथ शहर मंडी में छापेमारी कर 25 लाख रुपये के पटाखे बरामद कर व्यापारी को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों की इस कार्रवाई के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने हंगामा किया। व्यापारियों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई।
गौरतलब है कि प्रदूषण पर रोक लगाने के चलते सुप्रीम कोर्ट ने इस बार पटाखा बिक्री पर पूर्णत: पाबंदी लगा दी है। इसके बावजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की आंख में धूल झोंककर पटाखा बिक्री की जा रही है। हालांकि अधिकारी लगातार पटाखा फैक्ट्री और इनकी बिक्री करने वाले व्यापारियों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
इसी क्रम में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार, सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया और थाना देहली गेट पुलिस ने कोटला दाल मंडी में सतीश अग्रवाल के गोदाम पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट की टीम ने गोदाम से अवैध रूप से रखे गए 25 लाख रुपये के पटाखे बरामद किए है।
इसी के साथ पुलिस ने मौके से गोदाम मालिक सतीश अग्रवाल को हिरासत में ले लिया। वहीं, जानकारी होने पर संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, महामंत्री दलजीत, उपाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, सह मीडिया प्रभारी रजनीश कौशल, वरिष्ठ मंत्री ललित गुप्ता, सुधांशु, अंकित, मनु, पवन गर्ग, संदीप रेवडी और अंकुर गोयल मौके पर पहुंचे।
इसके बाद संघ के पदाधिकारियों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर व्यापारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारी पहले से ही बहुत टूटा हुआ है और अब अधिकारी उनका उत्पीड़न कर रहे है। ऐसे में व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा।
इस दौरान संघ के पदाधिकारियों की पुलिस से भी जमकर नोकझोंक हुई और व्यापारी सतीश अग्रवाल को छुड़ाने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने सतीश अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहकर उन्हें छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद एसआई मनोज कुमार की ओर से व्यापारी सतीश अग्रवाल के खिलाफ देहली गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
तीन दिन पहले तमिलनाडु से मंगवाएं थे 25 लाख के पटाखे
व्यापारी सतीश अग्रवाल वॉल पुट्टी के थोक विक्रता है। उन्होंने दीवाली के अवसर पर मोटा मुनाफा कमाने की नीयत से तीन दिन पहले ही तमिलनाडु के शिवा काशी की फैक्ट्री से 25 लाख रुपये के पटाखे मंगाएं थे। जबकि इस बार सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी लगाई हुई है। वहीं, सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया का कहना है कि एसी जैन के गोदाम में भी छापेमारी की गई, लेकिन वहां पर ताला लगा होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई। सूचना मिली है कि उनके गोदाम में पटाखों का बड़ा जखीरा रखा हुआ है।
पटाखों में आग लगने से छह लोगों की हो चुकी है मौत
कुछ सालों पहले तीरगरान में एक गोदाम में रखे पटाखों के जखीरे में आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले भी कई बार पटाखों में आग लग चुकी है। लिसाड़ी गेट क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में भी पटाखा बनाने के दौरान आग लगी थी। लेकिन इस गोदाम में कोई जनहानि नहीं हुई थी। ऐसे में इस बार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने अवैध रुप से पटाखा बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। वहीं, सहायक नगरायुक्त ने बताया कि इस बार जीम खाना मैदान में भी पटाखा बिक्री पर प्रतिबंध के निर्देश दिए हुए है।

