- लापरवाही के कारण नहीं जारी हो पा रही एलएलबी की मेरिट
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विवि की ओर से एलएलबी की मेरिट जारी न होने की वजह से जहां छात्रों को प्रवेश की चिंता सता रही है,वहीं अब एलएलबी में हुए रजिस्ट्रेशनों की जांच के लिए सीसीएसयू ने कंपनी को नोटिस भी थमा दिया है।
बता दें कि बिना मान्यता वाले कॉलेजों के पंजीकरण खोलने पर सीसीएसयू के लिए कार्य करने वाली मैस्कॉट सॉफ्टवेब सॉल्युशन को नोटिस जारी किया गया है। वहीं हाल ही में विवि की ओर से एलएलबी प्रथम वर्ष के 386 रजिस्टेशनों को भी निरस्त किया गया है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या विवि को इस मामले की पहले कोई जानकारी नहीं थी जो अब कंपनी के सर ठिकरा फोड़ने का कार्य विवि स्तर पर किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो मान्यता का पेच फंसने पर विवि स्तर पर यह सब किया गया है।
इस समय विवि दावा कर रहा है कि बिना मान्यता वाले 9 कॉलेजों के पंजीकरण खोले गए है। इसलिए विवि ने कंपनी को नोटिस भेज 24 घंटे में जवाब मांगा है। इन 9 कॉलेजों में एलएलबी और बीए एलएलबी की 176 सीटें है।
कंपनी दोषी या फिर विवि भी
विवि ने कंपनी को बिना मान्यता इन कॉलेजों में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दोषी माना है,लेकिन सवाल यह है कि क्या इस सब में कंपनी दोषी है या फिर विवि अपनी गर्दन बचा रहा है। यदि कंपनी ने अपनी मर्जी से पंजीकरण खोल भी दिए तो तीन महीने से रजिस्टेशन और फिर मेरिट जारी करते वक्त क्या प्रवेश समिति ने कुछ नहीं देखा।
बता दें कि विवि में सत्र 2020-21 में एलएलबी और बीए कोर्स में अक्टूबर माह से पंजीकरण चल रहे है। कॉलेजों में इन कोर्स में प्रवेश को बीसीआई का एप्रूवल अनिवार्य है। एप्रूवल के इंतजार में प्रति वर्ष रजिस्ट्रेशन में भी देरी होती आई है।
वहीं इस बार हुआ,लेकिन एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद,एनआरईसी कॉलेज खुर्जा और एसडी कॉलेज मुजफ्फरनागर सहित कई कॉलजों को इस सत्र के लिए एप्रूवल लेटर नहीं मिले। नियमानुसार इन कॉलेजों में रजिस्ट्रेशन भी नहीं होने चाहिए थे, लेकिन प्रवेश पोर्टल पर यह कॉलेज खुल गए। इन कॉलेजों में न केवल रजिस्ट्रेशन हुए बल्कि बिना एप्रूवल प्रवेश भी हो गए। विवि ने एक मेरिट भी जारी कर दी थी। मामला सामने आने पर दूसरी मेरिट रोकी गई।

