Monday, January 24, 2022
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खटीक के घर जश्न, कई के लटके चेहरे

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  • हस्तिनापुर की ऐतिहासिक धरती को योगी आदित्यनाथ ने तवज्जो देते हुए दिनेश को राज्य मंत्रीमंडल में दी जगह

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: यूपी में मंत्रिमंडल का विस्तार आश्चर्यजनक था, वह इसलिए कि इसकी पहले कोई सूचना नहीं थी। मंत्रिमंडल अचानक हुआ, पहले अवश्य ही इसकी चर्चा थी, लेकिन वर्तमान में मंत्रिमंडल विस्तार पर कोई चर्चा ही नहीं थी। क्योंकि अगले साल चुनाव होगा, इसमें अचानक मंत्रिमंडल का विस्तार सभी को चौका गया। फिर हस्तिनापुर की ऐतिहासिक धरती को योगी आदित्यनाथ ने रेस्पॉस देते हुए विधायक दिनेश खटीक को राज्य मंत्रिमंडल में जगह दी।

दिनेश खटीक का नाम भी अचानक सामने आया। क्योंकि पहले जिन विधायकों के नाम चल रहे थे, उनको योगी आदित्यनाथ ने झटका दे दिया। मोदीनगर की विधायक मंजू सिवाच, मेरठ दक्षिण से विधायक डा. सोमेन्द्र तोमर, बागपत के छपरौली से भाजपा विधायक सहेन्द्र रमाला के नाम चल रहे थे, ऐसे में भाजपा ने इन सभी को मंत्रिमंडल में नहीं लेकर बड़ा झटका दे दिया।

दरअसल, भाजपा ने हस्तिनापुर को मजबूत किया। इसकी वजह कई हैं। एक तो हस्तिनापुर से जिस पार्टी का विधायक जीतकर आता है, उसी पार्टी की यूपी में सरकार बनती रही हैं। ऐसा रिकॉर्ड बना हुआ हैं। इसको भाजपा ने भी फ्लो किया। यही वजह है कि भाजपा के शीर्ष नेताओं ने हस्तिनापुर को मजबूत करने के लिए दिनेश खटीक को यूपी मंत्रिमंडल में जगह दी। फिर निचली जातियों को भी इस तरह से सम्मान देने की कोशिश की गई। दिनेश खटीक को मजबूत करने से विपक्ष के नेताओं को आसानी से कमजोर किया जा सकता है। इसी रणनीति का भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने यहां अपनाया भी।
मान्यता या फिर हस्तिनापुर पर फोकस की कुछ और वजह

हस्तिनापुर पर भाजपा ने फोकस कर दिया है। एक किवदंती है कि हस्तिनापुर पर जिस पार्टी का प्रत्याशी जीतता है, उसी की प्रदेश में सरकार बनती है। अब इसी को लेकर भाजपा ने अपना पूरा ध्यान हस्तिनापुर पर लगा दिया है। हस्तिनापुर को कैसे जीता जाए? इसको लेकर भाजपा ने रविवार को दिनेश खटीक को यूपी मंत्रिमंडल में शामिल कर दिया। अब भाजपा यह मानने लगी है कि हस्तिनापुर में जो जीतेगा, उसकी सरकार बनेगी।

इसी फार्मुले पर भाजपा ने काम करते हुए दिनेश खटीक को मजबूत करने के लिए उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दे दी। माना जा रहा था कि किसान आंदोलित है, ऐसे में जाट-गुर्जर किसी भी बिरादरी से मंत्रिमंडल में जगह देकर किसानों के आक्रोश को शांत किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस मान्यता में कितना दम हैं कि हस्तिनापुर जीते प्रत्याशी की पार्टी ही यूपी में सरकार बनाएगी। अब यह देखने वाली बात है।

सपा ने भी हस्तिनापुर पर फोकस कर रखा है। पिछले दिनों पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने दलितों की बड़ी सभा कर भाजपा की नींद उठा दी थी। अब यह रुढ़िवादी मान्यता शायद भाजपा व सपा नेताओं के यहां घर कर गई हैं, तभी तो इसको लेकर ही हस्तिनापुर को फोकस किया जा रहा है।

तीन पीढ़ी से आरएसएस से जुड़ा है दिनेश का परिवार

राज्यमंत्री की शपथ लेने वाले दिनेश खटीक के दादा स्व. बनवारी लाल आरएसएस से जुड़े थे। उनके बाद उनके पिता देवन्द्र सिंह आरएसएस से जुडे, इसके बाद दिनेश खटीक स्वयं आरएसएस से जुड़े हुए हैं। तीन पीढ़ियों से उनका परिवार आरएसएस की सेवा कर रहा हैं। बाल अवस्था से दिनेश खटीक स्वयं सेवक है। राजनीति में उनका पदापर्ण 2007 में हुआ, तब उन्हें जिला मंत्री बन गया था। 2010 में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष बने थे।

2013 में जिला महामंत्री बने। 2017 से हस्तिनापुर से चुनाव लड़े, जिसके बाद विधायक निर्वाचित हुए। 2020 में एसएसटी विधानसभा कमेटी के चेयरमैन बनाएं गए। राज्यमंत्री की शपथ लेने के बाद एसएसटी विधानसभा कमेटी के चेयरमैन पद से स्वत ही त्यागपत्र हो गया। दिनेश खटीक मूल रूप से सरधना विधानसभा क्षेत्र के फलावदा कस्बे के रहने वाले हैं, लेकिन वर्तमान में गंगानगर राजेन्द्र नगर में परिवार रह रहा है। मवाना नगर क्षेत्र में स्थित पवन धाम में भी उनका आवास हैं। उम्र 44 साल व शिक्षा 10वीं उत्तीर्ण है।

परिजनों को खिलाई मिठाई

दिनेश खटीक के गंगानगर स्थित राजेन्द नगर में रविवार की शाम को जश्न का माहौल था। ढोल बज रहे थे। अचानक ढोल की थाप पर लोग झूम रहे थे। जश्न में मोहल्ले व हस्तिानापुर की जनता खुशी का इजहार कर रही थी। दिनेश खटीक की पत्नी आरसी खटीक ने उनके घर पहुंचे हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। साथ ही उनके पिता देवेन्द्र खटीक तथा माता सरोज देवी, बेटा प्रांजल व बेटी इंजल ने भी इस दौरान खुशी का इजहार किया।

तीन दिन पहले मिला था लखनऊ पहुंचने का फरमान

तीन दिन पहले आयी फोन कॉल ने दिनेश खटीक का राजनीतिक के क्षेत्र में एकाएक कद बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास से आयी फोन कॉल पर कहा गया कि लखनऊ मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे। बस यहकर फोन कॉल काट दी गई। पहले तो दिनेश खटीक समझ नहीं पाये, लेकिन मेरठ से लखनऊ के बीच का सफर जैसे तीन दिन पहले तय किया जा रहा था, तभी कुछ तस्वीर साफ होने लगी। तीन दिन पहले कॉल आयी थी। मुख्यमंत्री ने बुलाया था। इसके बाद ही उन्हें लखनऊ पहुंचने के बाद बताया गया था कि प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा हैं, जिसमें उन्हें भी जगह दी जा रही है। यह सुनकर दिनेश खटीक का खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

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