Friday, February 20, 2026
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कब्रिस्तान: हाईकोर्ट से मुस्लिम समुदाय को राहत नहीं

  • कंकरखेड़ा कब्रिस्तान प्रकरण में मुस्लिम समुदाय की रिट को उच्चतम न्यायालय ने किया खारिज

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कंकरखेड़ा में कब्रिस्तान प्रकरण को लेकर एक नया मोड़ आ गया है। तीन मार्च को मुस्लिम समुदाय द्वारा डा. सागर तोमर के प्लॉट में जो मेरठ विकास प्राधिकरण से आवंटित किया गया था, उसमें मुस्लिम समुदाय की महिला के शव को दफनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। मौके पर डा. सागर तोमर द्वारा अपना प्लॉट बताते हुए वहां मौजूद इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा को दस्तावेज भी दिखाए गए थे, लेकिन कंकरखेड़ा थाने के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सक्सेना की मौजूदगी में मुस्लिम समुदाय ने वहां कब दफनाना शुरू कर दिया।

इसके बाद डा. सागर तोमर की मां द्वारा अपने प्लॉट पर अवैध कब्जा होते देख भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा को सहायता के लिए फोन किया गया। जब भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा और नवाब सिंह वहां पहुंचे तो इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा कब्र को दफनवकर वापस लौट गए थे। मौके पर भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा की उपस्थिति होने के बाद दोबारा इंस्पेक्टर मय फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा, सचिन सिरोही आदि के साथ कब्र दफनाने को लेकर वाद विवाद शुरू हो गया।

विवाद इतना बढ़ा कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाजपा नेताओं पर हमला कर दिया, जिसमें नवाब सिंह को गंभीर चोटें आई और भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा को गिरफ्तार करते हुए संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मेरठ विकास प्राधिकरण एवं नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा पूरी जमीन की पैमाइश की गई। पैमाइश में यह सामने आया कि जिस प्लॉट में कब्र बनाई गई है। वह डॉक्टर सागर तोमर का ही प्लॉट है, जो मेरठ विकास प्राधिकरण ने डाक्टर को आवंटित किया था।

इसके साथ साथ मेरठ विकास प्राधिकरण की जमीन पर भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कब्रिस्तान के नाम पर अवैध कब्जा कर रखा था, जिसकी पैमाइश पूरी कर दी गई और रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई रिपोर्ट सौंपने के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण की तरफ से भूमि पर कब्जा लेने के लिए पुलिस प्रशासन को कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन पुलिस प्रशासन ने फोर्स उपलब्ध नहीं कराई ।

21 अप्रैल को एसडीएम सदर संदीप भागिया पीएससी, अग्निशमन की गाड़ियां और पुलिस फोर्स के साथ कब्रिस्तान पर पहुंचे और पैमाइश शुरू की, लेकिन एसडीएम संदीप भागिया फोर्स होने के बावजूद भी भूमि पर कब्जा नहीं दिला सके जो बेहद खेद जनक है अब मुस्लिम समुदाय द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई जिसमें मुस्लिम समुदाय की तरफ से वकीलों ने अपना पक्ष रखा और मेरठ विकास प्राधिकरण व नगर निगम की तरफ से वकीलों ने अपना पक्ष रखा बहस में दो जजों की पीठ ने मुस्लिम समुदाय द्वारा जमीन को कब्रिस्तान की बताने पर रिट को खारिज कर दिया।

भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा का कहना है कि पूरे प्रकरण पर संयुक्त टीम द्वारा जो पैमाइश की गई, उस रिपोर्ट के आधार पर प्लॉट डा. सागर तोमर का ही है और मेरठ विकास प्राधिकरण की भूमि पर कब्रिस्तान के नाम पर जो अवैध कब्रे बनाई गई है। वह अनैतिक है, मेरठ विकास प्राधिकरण अपनी जमीन और डा. सागर तोमर के प्लॉट पर जल्द से जल्द कब्जा ले और पूरे प्रकरण में कंकरखेड़ा थाने के इंस्पेक्टर सुबोध सक्सेना की संलिप्तता बेहद खेद जनक है। इस पूरे मामले में कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े होते हैं। जिस पर शासन स्तर से कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

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