जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सेंट्रल मार्केट में बने तीन मंजिला कांप्लेक्स के ध्वस्तीकरण प्रकिया को रुकवाने के लिए शास्त्री नगर व जागृति विहार का बाजार दिनभर बंद रहा। सैकड़ों की तादाद में व्यापारी सेंट्रल मार्केट पहुंचे। उन्होंने वहां पर धरना, प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। व्यापारी नेताओं ने कहा कि किसी भी व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। व्यापारियों ने अल्टीमेटम दिया कि यदि आवास विकास के अफसरों ने ध्वस्तीकरण की हिमाकत की तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराये जाएंगे, क्योंकि पैसे लेकर उन्होंने ही दुकानें और कांप्लेक्स बनवाए। व्यापारियों के बीच पहुंचे सरधना विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि वह सारे प्रकरण को विधानसभा में उठाएगें। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, अजय गुप्ता समेत कई व्यापारियों ने कहा कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को रुकवाने के लिए मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है। जल्द ही कोई निर्णय आ सकता है।
17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने व्यापारी की टाइम एक्सटेंशन मांग वाली याचिका स्वीकार करते हुए आवास विकास को जवाब दाखिल करने के लिए 21 दिन का समय देते हुए तब तक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया। इससे पहले 17 दिसंबर, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सेंट्रल मार्केट स्थित तीन मंजिला काप्ंलेक्स को ध्वस्त करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने का समय दिया। 4 मार्च को व्यापारियों ने परिसर खाली करने के लिए और समय दिया जाने जाने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की। 29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने व्यापारियों की समय सीमा बढ़ाने वाली याचिका को खारिज कर दिया। आवास विकास परिषद ने दो मई को सेंट्रल मार्केट में बनी 22 दुकानों को खाली करने का नोटिस चस्पा किया। जिसके विरोध में मंगलवार सुबह सेंट्रल मार्केट व जागृति विहार के व्यापारी सड़क पर उतर आए।
ध्वस्तीकरण को रुकवाने के लिए सेंट्रल मार्केट व जागृति विहार का बाजार बंद रखा गया। इसके साथ व्यापारी सेंट्रल मार्केट में एकत्रित हुए। सभी व्यापारी नेताओं ने अपनी अपनी बातें रखी। इसके साथ व्यापारियों के बीच सरधना विधायक अतुल प्रधान पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह व्यापारियों के साथ खड़े है। वहीं, संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, अजय गुप्ता, दलजीत सिंह चौधरी, जीतू नागपाल, अरुण वशिष्ठ, जितेंद्र अग्रवाल ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आर्डर का आदर करते है। प्रशासन की तरफ से व्यापारियों के हित में कोई फैसला लिया जाए। इसके साथ व्यापारियों को ब्लैकमेलिंग करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
दोनों बाजारों में एक हजार से ज्यादा हैं दुकानें
शास्त्रीनगर, सेंट्रल मार्केट व जागृति विहार में करीब एक हजार से ज्यादा दुकानें बनी हुई है। जिसमें 500 से ज्यादा दुकानें व शोरूम आवासीय प्लाट व भवन पर बने हुए है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन आवास विकास अधिकारियों ने सेटिंग करके यह दुकानें व कांप्लेक्स बनवाए है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। मंगलवार को सारी दुकानें बंद रही। सारे व्यापारी एक जुट नजर आए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में ध्वस्तीकरण नहीं होने देंगे।
मुकदमा दर्ज कराने के लिए दे रखी तहरीर
आवास विकास इंजीनियर का कहना है कि 53 आवंटियों व दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दे रखी है। सभी व्यापारी सुप्रीम कोर्ट के आर्डर की अवेहलना कर रहे है। उन्हें दुकान खाली करने के लिए तत्काल नोटिस जारी हो चुका है।
आईएमए ने किया सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का समर्थन
आईएमए के मेरठ शाखा सचिव डॉ. सुमित उपाध्यक्ष ने मंगलवार को सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को समर्थन दिया। उन्होंने सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में ओपीडी व क्लीनिक बंद करने की चेतावनी दी। दरअसल, सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों पर उनकी दुकानों के ध्वस्तीकरण की तलवार लटक रही है। इसको लेकर व्यापारियों में रोष व्याप्त है। मंगलवार को आईएमए के मेरठ शाखा सचिव डॉ. सुमित उपाध्याय ने सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वह व्यापारियों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो ओपीडी व क्लीनिक बंद कर दी जाएगी।

