जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर की बिगड़ी आबोहवा सुधरने का नाम नहीं ले रही है। वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
शनिवार को दिल्ली की हवा का औसत एक्यूआई 499 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में है। शनिवार को और हवा और जहरीली हो गई। हालात में सुधार के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।
उधर, सीपीसीबी ने प्रदूषण से बचने के उपायों को लेकर जानकारी भी साझा की। जिन लोगों को खांसने, नाक बहने या फिर छाती में दर्द-भारीपन इत्यादि की शिकायत हो रही है तो उन्हें तत्काल चिकित्सीय परामर्श के साथ घर में ही आराम करने की सलाह दी है।
सीपीसीबी ने सलाह दी है कि जिन लोगों को आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़ रहा है, वापस घर पहुंचने के बाद तत्काल चेहरे को दो बार साफ पानी और साबुन से साफ करें।
इसके बाद गुनगुने पानी का ही सेवन करें। साथ ही दिनचर्या पर भी नजर रखें। सांस लेने में कठिनाई होने पर बगैर किसी देर किए डॉक्टर से परामर्श करें।
वर्क फ्रॉम होम को दें बढ़ावा, 18 तक नहीं मिलेगी राहत
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आकलन है कि 18 नवंबर तक हालात सुधरने के आसार नहीं है। मौसमी दशाएं इसी तरह बनी रहेंगी। रात में हवाएं पूरी शांत रहेंगी।
सरकारी और निजी दफ्तरों को सीपीसीबी की सलाह है कि 30 फीसदी तक वाहनों की इस्तेमाल कम करें। वर्क फ्रॉम होम के साथ कार पूलिंग को भी बढ़ावा दें।
वही, दिल्ली की शान चांदनी चौक शुक्रवार को प्रदूषित इलाकों की लिस्ट में शीर्ष पर रहा। इस इलाके का वायु गुणवत्ता सूचकांक 491 रिकार्ड किया गया, जबकि 490 अंकों के साथ मंदिर मार्ग दूसरा नंबर प्रदूषित इलाका बना।
प्रदूषण की चादर दिल्ली में इस कदर भारी पड़ी कि हवा की गुणवत्ता मापने वाले सभी 36 मॉनीटरिंग स्टेशन का सूचकांक 450 से ऊपर पहुंच गया। हैरानी की बात यह कि दिन भर में कई बार इन स्टेशनों पर पीएम10 व पीएम2.5 का स्तर 500 से ऊपर भी पहुंच गया था।
टॉप पांच प्रदूषित इलाके
- चांदनी चौक: 491
- मंदिर मार्ग: 490
- जनकुपरी: 489
- आईटीओ: 488
- पटपड़गंज: 485

