- तीन चौराहों पर लगे हाईटेक उपकरण और कैमरे
- आठ चौराहों पर काम होगा तेज, आईटीएमएस का ट्रायल शुरू
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सुधर जाइये और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की आदत डाल लीजिये। कहीं ऐसा न हो आप ख्वाब में डूबे चौराहा पार कर रहे हों और थोड़ी देर में मोबाइल पर ई-चालान आ जाए। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) ने तीन चौराहों तेजगढ़ी, साकेत और गांधी आश्रम पर सिस्टम लगा दिया है और उसका ट्रायल शुरू हो गया है। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर के सर्वर से इसे अभी जोड़ा नहीं गया है।
एसपी ट्रैफिक जितेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि आईटीएमएस का कंट्रोल रुम नगर निगम में बनाया गया है। जैसे ही लखनऊ के सर्वर से सिस्टम कनेक्ट होगा, आइटीएमएस के तहत ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के ई-चालान कटने शुरू हो जाएंगे। ट्रैफिक नियम तोडने पर चौराहे पर लगे हाईटेक कैमरे वाहन और उसकी नंबर प्लेट को स्कैन कर खुद ही चालान जारी कर देगा। नगर निगम स्थित आइटीएमएस कंट्रोल रूम से ई-चालान को वाहन स्वामी के घर पहुंचाया जाएगा।
इस काम में पुलिस की कोई जरुरत नहीं पड़ेगी और लोग पुलिस से न झगड़ पाएंगे और न ही सिफारिश लगा पाएंगे। आइटीएमएस प्रोजेक्ट के तहत तेजगढ़ी चौराहे पर आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली समेत सभी कार्य पूरे करने के बाद इसका ट्रायल चल रहा है। इसके अलावा डिग्गी तिराहा और कमिश्नरी आवास चौराहे को भी आइटीएमएस के कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है। ये चौराहे भी ट्रायल पर हैं।
उन्होंने बताया कि तेजगढ़ी चौराहे पर वीएमडी (वीडियो मैसेजिंग डिस्प्ले) स्क्रीन लगाई जाएगी। जिस पर सरकारी स्लोगन, योजनाओं की जानकारी प्रसारित की जाएगी। दो अन्य चौराहों पर भी वीएमडी लगाई जाएगी। यह काम एक सप्ताह में पूरा होगा। जो लोग रेड लाइट का उल्लंघन करने से बाज नहीं आते उनके लिये यह व्यवस्था काफी नुकसानदेह साबित होगी। इसमें तीन सवारी वाले दोपहिया वाहन और नंबर प्लेट को भी स्कैन किया जाएगा।

