सरकार से कोई रियायत न मिलने से धूल फांक रहे उपकरण
मेरठ: साढ़े पांच महीने के लॉकडाउन ने पहले से मृतप्राय सिंगल स्क्रीन सिनेमा को खत्म कर दिया है। जिस तरह से फिल्में अब नेटफिल्क्स पर रिलीज होने लगी है, इससे इन सिनमोघरों की तरफ कोई झांकने नहीं जाएगा।
कोरोना के कारण सिनेमाघर बंद चल रहे हैं। सिंगल स्क्रीन सिनेमा बंद होने का एक कारण यह भी है कि अब बड़े सिने परिवार जैसे रिलायंस, कपूर खानदान, यश बैनर्स आदि खुद वितरक का काम पूरे देश में करने लगे हैं। यह लोग अपनी पंसद के सिनेमाघरों में फिल्में रिलीज कराते हैं।
जब से कोरोना आया तब से इन लोगों ने नेट फ्लिक्स और बेव पर फिल्में रिलीज करना शुरु कर दिया है। ऐसे में पहले से बदहाल चल रहे इन सिनेमाघरों में कौन फिल्म रिलीज करेगा।
यह है सिंगल स्क्रीन
बेगमपुल जगत सिनेमा, गढ़ रोड नंदन सिनेमा, घंटाघर अप्सरा और आबूलेन पर निशात व कैंट क्षेत्र में रीगल आदि हॉल जो सिंगल स्क्रीन के हैं। कम पैसों में दर्शक आधुनिक तकनीक से लैस ये सिनेमा हाल शहरवासियों के लिये पहली पसंद बने हैं, लेकिन कोरोना का कहर बढ़ा तो दर्शकों की सुरक्षा को देखते हुए इन पर भी ताले लटका दिए गए। जिससे दर्शकों को काफी मायूसी महसूस करनी पड़ रही है। वहीं, मल्टीप्लैक्स हॉल की बात करें तो पीवीएस, मैगनम व शॉप्रिक्स आदि में 3 स्क्रीन 1000 सीटों से लैस हैं जो इस समय धूल फांक रहे हैं।
सिनेमा हाल के लिए नहीं लोन की व्यवस्था
रीगल सिनेमा हाल के मालिक रमेश गोयल बताते हैं कि सिनेमा हॉल के लिए सरकार से लोन नहीं मिलता। हर सप्ताह सैकड़ों का टैक्स सरकार को जीएसटी के साथ दिया जाता है। उसके बावजूद भी सरकार हमारी ओर अनजान बनी हुई है। बंद पड़े सिनेमा हॉल में इनवेटर, सेटेलाइट, कीमती कैमरे और बिजली पानी आदि को सुचारू करने के लिए अपनी जेब से ही खर्च करने पर विवश होना पड़ रहा है, ताकि कीमती उपकरण की बर्बादी न हों।
शासन के आदेश का इंतजार
सिनेमा हाल संचालकों को अब दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए सरकार के आदेश का इंतजार रह गया है। संचालकों का मानना है कि अगर सरकार हॉल खोल दे तो कोरोना गाइड लाइन के आधार पर पुरानी फिल्मों को रिलीज कर दो पैसे कमाने का जरिया बन जाए ताकि कुछ फिल्मी दर्शक सिनेमा हाल आकर मनोरंजन कर सकें और हमें भी कुछ खर्चे की उम्मीद हो सके।
क्या कहते हैं दर्शक
बंद पड़े सिनेमा हाल के बारे में दर्शकों का कहना था कि कोरोना काल में पहले की तरह सिनेमा हाल में भीड़ जुटना आसान नहीं होगा। बड़े बड़े एक्टर भी शूटिंग नहीं कर रहें जिससे फिल्म इंडस्ट्री कोरोना के काल में समा गई है। पता नहीं कब सलमान खान, शाहरूख खान, अक्षय कुमार, अमीर खान जैसे एक्टर शूटिंग पर उतरेंगे और कब फिल्में बनाकर दर्शकों की पसंद बनेंगे। अब तो भगवान ही सबकी सलामती के साथ इस महामारी संकट को दूर करें ताकि दोबारा से सबकी जिदंगी पटरी पर दौड़े।
सिनेमा संचालक ने बयां किया दर्द

जनवाणी संवाददाता के सवाल पर सिनेमा संचालक रमेश गोयल ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उनकी उम्र लगभग 65 वर्ष है। कभी ऐसा समय नहीं देखा जैसा कोरोना काल में बुरा वक्त देखना पड़ रहा है। हालात इतने बद से बदतर हो गए हैं कि बंद पड़े सिनेमा हाल की व्यवस्था को सुचारु रखना चुनौती बन गया है। बंद सिनेमा हाल को देखकर मायूसी दिखाई देती है। एक वक्त था जब दर्शकों को हाल में फिल्म देखने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था, अब सिनेमा जगत में बहार आएगी भी या नहीं इसका तो भगवान ही मालिक है।

सिनेमा हॉल बंद होने से सरकार को करोड़ों अरबों का नुकसान पहुंच रहा है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिये ताकि सिनेमा दोबारा गुलजार हों ताकि सिनेमा संचालक हॉल में लगे उपकरणों का खर्चा निकाल सकें। -सोनू शर्मा

सरकार होटल खोल रही है। बार खोल रही है तो ऐसे में सिनेमा हाल को भी कोरोना गाइड लाइन के आधार पर खोल देना चाहियें। इससे होने वाली कमाई से सरकार को राजस्व की वसूली तो होगी। -शिवम शर्मा

बॉलीवुड जगत ने पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान है। कोरोना वायरस ने सबकुछ बर्बाद कर दिया है। सिनेमा हॉल को खोलने के लिए सरकार को विचार करना चाहिये ताकि सिनेमा हॉल संचालकों को परेशानी से निजात मिल सकें और दो वक्त की रोटी जुटा सकें। -मो. शाहरूक


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