- मेयर सुनीता वर्मा ने कहा-मैं दलित हूं, क्या इसलिए शहर के विकास को ठप कर रहे हैं नगरायुक्त?
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की परियोजना को भी नगर आयुक्त अमित पाल शर्मा पलीता लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कूड़ा कलेक्शन करने वाली गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर चालू किया था, ताकि शहर को कूड़े के ढेर से निजात दिलाई जा सके। एक उम्मीद जगी थी कि अब शहर का कूड़ा उठेगा और शहर स्वच्छ होगा। वर्तमान में ये गाड़ी बिना ड्राइवर के तभी से खड़ी हुई है। इनसे किसी तरह का कूड़ा कलेक्शन नहीं किया जा रहा है।
यह सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की परियोजनाओं की अवहेलना है। यह आरोप मेयर सुनीता वर्मा ने नगर आयुक्त अमित पाल शर्मा को लिखी चिट्ठी में लगाये हैं। मेयर ने यह भी कहा है कि मैं दलित हूं, इसी वजह से क्या शहर के विकास को ठप किया गया है। चुनाव का समय है। चुनाव से पहले नगर आयुक्त शहर का विकास कार्य ठप कर शहर का माहौल खराब कर रहे हैं। उनके द्वारा सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था, जो कर्मचारी हित में और जनहित में था।
उसको लेकर अपने शहर का माहौल खराब कर दिया। पार्षद को उठाकर बाहर फेंकना क्या यह जनप्रतिनिधि का अपमान नहीं है? मेयर ने नगरायुक्त अमित पाल शर्मा की घेराबंदी करते हुए कहा है कि नगरायुक्त कई-कई दिन तक नगर निगम मुख्यालय को छोड़कर बाहर चले जाते हैं। क्या इस तरह से शहर का विकास ठप नहीं हो रहा हैं? जो बुधवार को बोर्ड बैठक होनी थी, उसमें 67 कर्मचारियों की तैनाती को लेकर भी मेयर ने सवाल उठाए हैं तथा नगरायुक्त से पूछा है कि इसके पीछे आपकी क्या मंशा थी?
यही नहीं, मेयर ने यह भी कहा है कि जो पत्र नगर आयुक्त को लिखा है वह हाथ से लिखना पड़ रहा है। उनके पास कंप्यूटर आॅपरेटर स्टेनो भी उपलब्ध नगर आयुक्त ने नहीं कराया है, जिससे शहर की जनहित की समस्याएं प्रभावित हो रही हैं। मेयर ने कहा है कि उनके बिना संज्ञान में लाए बोर्ड की होने वाली बैठक में 67 कर्मचारियों की तैनाती कैसे कर दी गई? सदन के कार्यकाल में ऐसा किया जाना निंदनीय कार्य है। किसी भी नगर आयुक्त के द्वारा इस तरह का कृत्य पूर्व में कभी नहीं किया गया।
मेयर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ आये थे, तब पुलिस लाइन में 76 गाड़ियों को मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर शहर में रवाना किया था। इनसे कूड़ा कलेक्शन किया जाना था। ये मुख्यमंत्री की शहर के विकास को दृष्टिगत रखते हुए अच्छी पहल थी, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा रवाना की गई 76 गाड़ियों पर ड्राइवर नहीं रखे गए।
ये गाड़ियां तभी से खड़ी हुई हैं। इस तरह से मुख्यमंत्री परियोजनाओं को भी नगरायुक्त पलीता लगाने से नहीं चूक रहे हैं। इसके अलावा मेयर ने नगरायुक्त की कार्यप्रणाली और कई गंभीर मामलों में प्रश्न भी उजागर किए हैं। नगरायुक्त की हठधर्मिता के चलते शहर का विकास ठप है।

