- शहर में एलिवेटेड और अंडरग्राउंड कुल 35 किमी दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वर्ष 2024-25 मेरठ में यातायात के लिहाज से क्रांतिकारी वर्ष साबित होने जा रहा है। इस दौरान मेरठ में जहां रैपिड अपनी फुल स्ट्रैंथ से दौड़ेगी वहीं मेरठ के लोगों को लोकल सफर के लिए मेट्रो की सुविधा मिलनी भी शुरू हो जाएगी। मेरठ में कुल 10 मेट्रो ट्रेनोें से लोग सफर कर सकेंगे। उधर, शहर में मेट्रो के संचालन का दायरा 35 किलोमीटर का होगा।
दिल्ली-मेरठ रैपिड कॉरिडोर पर ही मेरठ मेट्रो का संचालन होगा। इसके अलावा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर अभी फिलहाल कोई अन्तिम फैसला नहीं हो पाया है। वैसे मेरठ में मेट्रो ट्रेन के दो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं जिनमें से पहले कॉरिडोर पर काम चल रहा है। यह वहीं कॉरिडोर है जिस पर रैपिड का संचालन भी होना है। यह कॉरिडोर परतापुर से मोदीपुरम तक होगा। दूसरा कॉरिडोर जो प्रस्तावित है वो श्रद्धापुरी से गोकलपुर तक है।
इस पर अभी फिलहाल काम नहीं हो रहा है। सूत्रों के अनुसार परतापुर-मोदीपुरम कॉरिडोर के फाइनल होने के बाद ही इस पर काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। परतापुर से मोदीपुरम के बीच के जिस कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ेगी वो 20 किलोमीटर लम्बा है। दूसरा प्रस्तावित कॉरिडोर (श्रद्धापुरी से गोकलपुर) 15 किलोमीटर लम्बा है।
मोदीपुरम में होगा मेट्रो का कंट्रोल रूम
मेट्रो रेल का नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) मोदीपुरम में होगा। यह कंट्रोल रूम पूरी तरह से हाईटेक होगा। मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों को रेल का ज्यादा इंतेजार नहीं करना पड़ेगा। हर पांच से दस मिनट में मेट्रो की सेवाएं मिलेंगी। इसके लिए दस मेट्रो ट्रेनों के सेट यहां पहुंचेंगे। 2025 में रैपिड के साथ मेट्रो फुल स्ट्रेंथ के साथ दौड़ेंगी।
चार स्टेशन ऐसे जिन पर रूकेंगी मेट्रो व रैपिड
शहर में चार स्टेशन ऐसे बनाए जा रहे हैं जिन पर मेट्रो के साथ साथ रैपिड रेल भी रूकेगी। इन स्टेशन में मेरठ साउथ स्टेशन के अलावा शताब्दी नगर, बेगमपुल व मोदीपुरम स्टेशन शामिल हैं। रैपिड प्रशासन के अनुसार मेरठ में मेट्रो के संचान की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।

