- कर्मचारियों की समस्या सुनने विधायक प्रमोद ऊंटवाल और सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे नगर पालिका
जनवाणी संवाददाता |
खतौली: तीन माह से वेतन नही मिलने पर पालिका कर्मियों में आक्रोश दिन प्रतिदिन पनप रहा है। रविवार को पालिका के समस्त कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर नगर पालिका प्रांगण में मांगो को लेकर धरना दिया। नगर में सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने से जगह जगह कूड़े के ढेर लग गये।
वही नगर पालिका में कर्मचारियों की समस्या सुनने पहुचें। विधायक प्रमोद ऊंटवाल और सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह ने पालिका कर्मियों से उनकी वेतन की समस्या का समाधान करने के लिये तीन दिन का समय मांगा। जिस पर पालिका कर्मियों ने आश्वाशन मिलने पर धरना खत्म कर दिया। चेतावनी दी, अगर तीन दिन में उन्हें वेतन नही मिला तो कर्मचारी फिर से हड़ताल कर धरने पर बैठ जायेंगे।
बता दे नगर पालिका में तैनात रहे ईओ जेपी यादव का सेवा विस्तार का कार्यकाल पूरा होने के बाद पालिका चेयरपर्सन बिलकिस ने उन्हें कार्य मुक्त कर दिया था। जिसके बाद से एक माह बीत जाने के बाद नगर पालिका में दूसरे ईओ की तैनाती नही हुई है। जिससे पालिका के वित्तीय कार्यो पर प्रभाव पड़ रहा है। और पालिका के सभी विकास कार्य ठप होने के साथ कर्मचारियों तक का वेतन रुक गया है।
उक्त समस्या को लेकर पालिका सफाई कर्मचारियों में आक्रोश पनप रहा है। रविवार को सफाई कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष सुधीर लीलोन के नेतृव में समस्त पालिका कर्मचारी अपने कार्य बहिष्कार कर पालिका प्रांगण में धरने पर बैठ गये। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि नगर पालिका में एक माह से कोई भी प्रशासक नही होने की वजह से कर्मचारियों को तीन माह का वेतन नही मिला है।
जिससे कर्मचारियों पर आर्थिक स्थिति का संकट बन गया है। कर्मचारियों ने कहा कि तीसरा माह लग गया है। मगर अभी तक पालिका कर्मचारियों को उनका वेतन, पेंशन आदि नही मिला है। मगर प्रसाशन उनकी समस्या को गंभीरता से नही ले रहे है। उन्होंने चेतावनी दी, जब तक उनकी मांगों का समाधान नही होगा तब तक धरना जारी रहेगा। उधर सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से नगर में जगह जगह कूड़े के ढेर और गंदगी फेल गयी। रविवार को पुरकाजी विधायक प्रमोद ऊंटवाल कर्मचारियों की समस्या सुनने भाजपा के वरिष्ठ नेता मदन छाबड़ा भी पहुचें
और सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह नगर पालिक में कर्मचारियों के धरने पर पहुचें। और उनकी समस्या सुनी। जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने कर्मचारियों को तीन दिन में उनकी वेतन सम्बन्धित समस्या का समाधान करने का आश्वाशन दिया। जिस पर पालिका कर्मचारियों ने आश्वाशन मिलने पर धरना समाप्त कर दिया था।
मगर कर्मचारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट से कहा कि अगर तीन दिन में उनकी समस्या का समाधान नही हुआ तो कर्मचारी फिर से सफाई कार्य बंद कर पालिका में धरने पर बैठ जायेंगे। वही धरना समाप्त होने के बाद पालिका सफाई कर्मी अपने कार्यो पर लौट गये थे।

