- अन्य की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश, घर छोड़ फरार हुए बवाली
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सूबे के पुलिस प्रमुख के फैक्स के बाद मेरठ समेत पूरे दिल्ली एनसीआर में पुलिस फोर्स अलर्ट पर है। वहीं, दूसरी ओर यति के बयान पर बवाल के बाद मुंडाली में रात भर दबिश दी गयीं। 18 को गिरफ्तार कर लिया। जो फरार हैं, उनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। यह भी बताया गया है कि गिरफ्तारी के डर से बड़ी संख्या में लोग गायब हो गए हैं। वहीं, दूसरी ओर इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ने वालों को पुलिस रिलीफ के मूड में नहीं।
उन पर भी कार्रवाई की बात कही है। वीडियो फुटेज से जुलूस में लाठी-डंडे लेकर चलने वालों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इस मामले में पुलिस के लिए मुसीबत यह है कि लाठी-डंडे लेकर चलने वालों में बड़ी संख्या छोटे बच्चों की है। आयोजकों ने पुलिस के सामने इन मासूमों को कवच के रूप में यूज किया।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस फोर्स अलर्ट है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को लखनऊ से डीजीपी के फैक्स के बाद बयान को लेकर विरोध व समर्थन में किसी भी प्रकार के जुलूस व विरोध प्रदर्शन पर रोक के आदेश दिए हैं। डीजीपी के फैक्स के बाद पुलिस भी मंगलवार को पूरी तरह से मुस्तैद रही। जनपद के सभी थानेदारों को अलर्ट किया गया है।
साथ ही हिदायत दी गयी है कि किसी भी प्रकार के समर्थन या विरोध जैसा कार्यक्रम ना होने पाए। एसपी देहात राकेश मिश्रा ने बताया कि कानून अपना काम कर रहा है। एसपी सिटी का कहना है कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। वहीं, इस संबंध में एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि पुलिस फोर्स पूरी तरह से अलर्ट है। शांति व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी।
बवाल में नामजद 15 आरोपी गिरफ्तार
मुंडाली: अभद्र टिप्पणी के विरोध में दो दिन पूर्व मुंडाली में युवाओं द्वारा बिना अनुमति निकाले गए जुलूस के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 15 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि अन्य फरार हैं। बयान विवाद को लेकर के विरोध में लाठी-डंडों, धारदार हथियारों से लैस मुंडाली के कुछ युवकों ने सैकड़ों किशोरों के साथ इस्लामिया मदरसे से धार्मिक भावनाएं भड़काते हुए बिना अनुमति जुलूस निकाला।
इस प्रकरण में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी और 180 को नामजद किया था। मंगलवार को पुलिस ने मुख्यारोपी हसीन समेत नवाजिश, जुबैर, जफरू, इरफान, शहजाद, नदीम, शानेआलम, सरफराज, चांद, आलमगीर, फैसल, फुरकान, शहजाद, रवीस, जीशान निवासी मुंडाली और सलमान निवासी कलछीना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि 15 नामजद अभी फरार हैं। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर जुलूस में शामिल अज्ञात लोगों की पहचान कराकर उन्हें भी चिन्हित कर रही है।
एनसीआर में अफसर बरत रहे चौकसी
बयान प्रकरण को लेकर लगातार हो रहे उपद्रव के चलते डीजीपी ने दिल्ली एनसीआर के तमाम अफसरों को अलर्ट मोड पर कर दिया है। डीजीपी ने मेरठ के मुंडाली, सहारनपुर, बुलंदशहर व गाजियाबाद की खबरों का माना जा रहा है संज्ञान लिया है। डीजी के निर्देश के बाद मेरठ की यदि बात करें तो यहां खुद एसएसपी डा. विपिन ताडा छोटी छोटी घटनाओं की मानिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस के साथ साथ खुफिया तंत्र भी सक्रिय है।
हालांकि अफसरों का कहना है कि यह त्योहारी सीजन में बनने वाली सामान्य व्यवस्था का एक हिस्सा है। यति नरसिंहानंद गिरी के बयान पर एक वर्ग द्वारा लगातार आपत्ति जताई जा रही है। धरने प्रदर्शन के बीच जुलूस का दौर शुरू हुआ तो सोमवार को डीजीपी ने तल्ख लहजे में निर्देश जारी करते हुए सभी तरह के विरोध, प्रदर्शन और जुलूस पर रोक लगा दी। एसएसपी डा. विपिन ताडा का कहना है कि त्योहारी सीजन में पुलिस फोर्स अलर्ट है। सभी थानेदारों और सर्किल अफसरों को अलर्ट किया गया है।
उन्हें हिदायत दी गयी है कि कानून व्यवस्था का मजाक बनाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। इस फरमान के बाद थानेदारों ने अपने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। वह क्षेत्र के गणमान्य लोगों के भी संपर्क में हैं। इसके अलावा सिविल डिफेंस व पुलिस मित्र को भी सक्रिय होने के लिए बोला गया है। थाना स्तर पर काम करने वाली खुफिया टीमों से भी हर रोज दिन में दो बार अपडेट लिया जा रहा है।
लगातार चल रहे विरोध से बढ़ी बेचैनी
यति नरसिंहानंद के बयान के बाद पहला बवाल जनपद बुलंदशहर में हुआ। वहां पुलिस पर हमला किया गया। उसके बाद यह विरोध पहले गाजियाबाद और फिर रविवार को सहारनपुर तक पहुंच गया। यहां बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आये और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। यहां भी पुलिस पर हमला किया गया। अभी पुलिस माहौल को समझने का प्रयास कर ही रही थी कि सोमवार को जनपद मेरठ के मुंडाली और लिसाड़ीगेट क्षेत्र में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हो गए। यहां भी पुलिस पर पथराव किया गया। पुलिस फोर्स पूरी तरह से अलर्ट है। हर थानेदार व सर्किल अफसर को जिम्मेदारी दी गई है। किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी। असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जा रहा है।

