Saturday, March 14, 2026
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लंबी बैरिकेडिंग से शहरवासी परेशान

  • रास्ते के लिए भटक रही पब्लिक, बढ़ी परेशानी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कांवड़ यात्रा के चलते मोदीपुरम बाइपास लेकर शहर के अंदर तेजी से बैरिकेडिंग का कार्य चल रहा है। व्यापारियों की मांग के बावजूद डेढ़ से दो किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग की जा रही है। अभी लोग रास्ते के लिए भटक रहे हैं। सावन आज से शुरू हो रहा है। आज ही से कांवड़ यात्रा का आगाज माना जा रहा है, हालांकि कांवड़िये पिछले कई दिनों से यहां से गुजर रहे हैं। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर एनएच-58 पर मोदीपुरम बाइपास लेकर शहर के अंदर होते हुए परतापुर बाइपास तक बैरिकेडिंग की जाती है। भैंसाली बस अड्डे से लेकर रेलवे रोड चौराहे तक डेढ़ किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग की जा रही है। बैरिकेडिंग से लोग परेशान हो रहे हैं।

बेगमपुल व्यापार संघ के अध्यक्ष पुनीत शर्मा का कहना है कि बैरिकेडिंग इस तरह की जानी चाहिए कि लोग प्रमुख चौराहों, तिराहों पर एक ओर से दूसरी ओर आ जा सकें। बैरिकेडिंग से बाजार में ग्राहक नहीं आएंगे, ऐसे में व्यापार ठप हो जाएगा। उद्यमी एमएस जैन का कहना है कि बैरिकेडिंग से लोगों को दिक्कत होती है, किसी को मरीज ले जाना है तो वह समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकेगा। बैरिकेडिंग छोटी लगाई जाए और कांवड़ियों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए जहां कट खुले जाएं। वहां पुलिस ट्रैफिक को कंट्रोल करने को तैनात की जाए। दवा विक्रेता रजनीश कौशल का कहना है कि बैरिकेडिंग लंबी नहीं लगाई जाए। सभी प्रमुख बाजारों, चौराहों व तिराहों पर आने जाने को रास्ता दिया जाना चाहिए।

कांवड़ियों के मार्ग पर लगाई जाएंगी 24 एम्बुलेंस

शिवभक्तों की तबीयत बिगड़ने या दुर्घटना में घायल होने पर उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कांवड़ यात्रा के मार्ग पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 24 एम्बुलेंस लगाई जाएंगी। सावन आज से शुरू हो रहा है। आज से सड़कों पर कांवड़ियों की जिले में आवाजाही बढ़ जाएगी। दो अगस्त को यात्रा संपन्न होगी। मेरठ से हापुड़, बुलंदशहर, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम, नूंह, राजस्थान के अलवर, भरतपुर, दौसा आदि जनपदों के करोड़ों शिवभक्त हरिद्वार, ऋषिकेश, नीलकंठ, गंगोत्री, गोमुख से पवित्र गंगाजल लेकर गुजरते हैं।

लंबा सफर और कठिन डगर पर पैदल चलते हुए लाखों कांवड़ियों के पैरों में छाले पड़ जाते हैं। हजारों शिवभक्त बीमार भी हो जाते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में शिवभक्त दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हो जाते हैं। कांवड़ियों को तुरंत फर्स्ट ऐड देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिल्ली नीतिपास एनएच-58, रुड़की रोड, हापुड़ रोड तथा गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर चिकित्सा शिविर लगाएगा। शिविरों में कांवड़ियों के दवाइयां व मरहम पट्टी आदि की व्यवस्था रहेगी। 24 एम्बुलेंस कांवड़ियों के मार्ग के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व शिविरों या अन्य प्रमुख स्थल पर तैनात की जाएंगी।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अशोक कटारिया का कहना है कि कांवड़ियों को तुरंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए 30 शिविर लगाए जाएंगे। 24 एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज में कांवड़ियों के लिए एक-एक वार्ड आरक्षित रहेगा। इमरजेंसी वार्ड में एक अतिरिक्त चिकित्सक, एक अतिरिक्त फार्मासिस्ट, एक अतिरिक्त वार्ड ब्वाय तैनात रहेंगे। इस दौरान सभी चिकित्सक अलर्ट रहेंगे। आपात स्थिति में किसी भी चिकित्सक को बुलाया जाएगा। सभी सीएचसी व पीएचसी पर रात दिन चिकित्सक तैनात रहेंगे।

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