- हमले में एक दर्जन छात्र घायल, कालेज में मची अफरा-तफरी, कॉलेज प्रशासन बना रहा मूकदर्शक
जनवाणी संवाददाता |
सरूरपुर: सोमवार को किसान इंटर कॉलेज गोटका में वर्चस्व की जंग को लेकर दो छात्र गुटों में कॉलेज के अंदर क्लास में ही जमकर बवाल हुआ। इस दौरान छात्रों के बीच धारदार हथियार, पंच, र्इंट-पत्थर चले, जिसमें एक दर्जन के करीब छात्र घायल हुए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक छात्रों को हिरासत में ले लिया। वहीं, मामले को लेकर मौके पर कई गांव के ग्रामीण भी पहुंच गए। जिसे लेकर टकराव के हालात बन गये।
करनाल हाइवे स्थित किसान इंटर कॉलेज गोटका के अंदर दो छात्र गुटों के बीच वर्चस्व की जंग को लेकर क्लास के अंदर ही जमकर बवाल किया गया। दरअसल, दो दिन पहले गांव पांचली बुजुर्ग निवासी गोलूराम की कुछ छात्रों ने पिटाई कर दी। इस मामले को लेकर सोमवार सुबह प्लान के तहत एक गुट के छात्रों ने क्लास में घुसकर बवाल करते हुए पेचकस लोहे के पंच, डंडे, र्इंट व पत्थर आदि इस्तेमाल किये। क्लास के अंदर जमकर हुए बवाल को लेकर अफरा-तफरी मच गई और कॉलेज स्टाफ में हड़कंप मच गया।
काफी देर तक छात्र गुटों के बीच में संघर्ष में विधान, कामरान, अभय, सक्षम, प्रिंस, निखिल, चिराग और दूसरे पक्ष के शाकिर, गोलू राम, शेखर, रोहित, जुनैद, अभिषेक, संदीप कुमार, चित्रांक पंवार, गोलू राम सहित लगभग एक दर्जन घायल हो गए। जिनमें से कई छात्रों के सिर फटने के कारण लहूलुहान हो गए। बाद में सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जानकारी लेकर आधा दर्जन से अधिक छात्रों को हिरासत में लेते हुए घायलों का उपचार कराया। वहीं, दूसरी ओर गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
जिससे टकराव के हालात बन गए। हालांकि बाद में मामला थाने पर पहुंचा। यहां कई गांव के लोग मौके पर पहुंच गए और मामले के निपटारे को लेकर देर शाम तक लग रहे। सूचना पाकर बाद में सीओ सरधना संजय जायसवाल भी पहुंचे और घटना की जानकारी ली। कॉलेज में क्लास रूम के अंदर में जमकर बवाल को लेकर कॉलेज प्रशासन पूरी तरह विफल रहा। थानाध्यक्ष अजय शुक्ला ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। तहरीर अगर मिलती है तो उसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से हुआ बवाल
दो दिन पहले हुई घटना के बाद भी कॉलेज प्रशासन ने सबक नहीं लिया और सोमवार को ऐलानिया वर्चस्व के बाद भी कॉलेज प्रशासन ने कोई ठोस इंतजाम नहीं किया। जिसके चलते छात्र गुटों ने हिम्मत दिखाते हुए क्लास के अंदर ही घुसकर जमकर बवाल करते हुए खूनी संघर्ष किया, लेकिन कॉलेज प्रधानाचार्य और स्टाफ पूरी तरह से फेल नजर आया और मूकदर्शक बना होकर खूनी संघर्ष देखता रहा। इस मामले में छात्रों ने बताया कि कालेज प्रधानाचार्य को बवाल की सूचना पहले दे दी गई थी। लेकिन उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
जातीय संघर्ष के हालात
कॉलेज के अंदर हुए संघर्ष को लेकर जातीय संघर्ष देने का भी मामला तूल पकड़ने लगा। मामले को लेकर बताया गया है कि जहां दो दिन पहले गांव पांचली बुजुर्ग निवासी दलित छात्र गोलूराम को पीटा गया था। उसी के नतीजे में सोमवार को ठाकुर समाज के कई युवकों को पीटा गया। जिनके सर फटे मामले को जातीय तूल देने के लिए मौके पर ठाकुर समाज और दलित समाज के काफी लोग पहुंचे।
बाद में थाने पर भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष बबलू सहित एक दर्जन कार्यकर्ता पहुंचे तो वहीं पांचली बुजुर्ग निवासी बौद्ध भिक्षु ने भी चंद्रशेखर आजाद को भी सूचना दी और खुद मौके पर टीम के साथ पहुंचे। वहीं ठाकुर समाज के लोग भी मौके पर पहुंच चुके थे। मामले को जातीय संघर्ष देने के भी काफी तूल दिया गया।
नाबालिग सगी बहनों का 36 घंटे बाद भी सुराग नहीं
मेरठ: लिसाड़ीगेट थाना के मदीना कालोनी से गायब दो सगी नाबालिग बहनों का पुलिस 36 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लगा सकी है। इस मामले में पुलिस ने गायब किशोरियों के परिजनों के हंगामे व आरोप के बाद इन किशोरियों की दोस्त बतायी जा रहीं दो अन्य किशोरियों को उठा लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर नाबालिग सगी बहनोें के गायब होने के चलते परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
उन्होंने आशंका जतायी है कि किशोरियों के साथ कुछ बुरा हो सकता है। परिजनों ने बताया कि रविवार शाम करीब चार बजे से दोनों सगी बहनें गायब हैं। उन्होंने बताया कि इनको बहला-फुसला कर कहीं पर ले जा गया है। यह काम उनकी दो सहेलियों द्वारा किया गया है। पीड़ित परिवार जिन पर आरोप लगा रहा है, वो दोनों भी नाबालिग हैं। आरोप है कि ये पहले भी इस प्रकार के कृत्य कर चुकी है। पीड़ित परिवार के थाने पर हंगामे के बाद पुलिस जिन पर आरोप लगाए जा रहे हैं।
उनके महिला पुलिस के साथ दबिश दी। दोनों सहलियों को उठाकर थाना लिसाड़ीगेट ले आए हैं। जिनको थाने लाया गया है उनके परिजनों ने अपनी बेटी को बेकसूर बताया है। उनका कहना है कि जो दोनों सगी बहनें गायब हुई हैं, उनके गायब करने में किसी करीबी का हाथ है या फिर वह अपने किसी बॉयफ्रैंड के चक्कर में खुद ही चली गयी हैं।

