जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कोरोना वायरस संकट के बीच देश की राजधानी दिल्ली में डॉक्टरों को सैलरी ना मिलने का मामला सामने आया है। राज्य में अस्पतालों में काम करने वाले कोविड वॉरियर्स बीते दिनों से हड़तालपर बैठे हैं और बकाया सैलरी की मांग कर रहे हैं।
इस बीच सोमवार को दिल्ली के तीनों मेयर भी इस मसले को लेकर धरने पर बैठ गए। तीनों मेयर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर धरना दिया और डॉक्टरों को सैलरी देने की मांग की।
Delhi: Mayors of all the three municipal corporations sit outside the residence of Chief Minister Arvind Kejriwal, over the non-payment of salaries of the employees of the municipal corporation. They say, "Either call us in or we'll sit here in protest. We won't move from here." pic.twitter.com/Qr1PgCrshz
— ANI (@ANI) October 26, 2020
धरने पर बैठे हुए तीनों मेयर का कहना है कि सरकार को उनसे बात करनी चाहिए, ताकि डॉक्टरों और अन्य एमसीडी कर्मचारियों की सैलरी का मसला सुलझ सके। उत्तरी दिल्ली के मेयर जय प्रकाश, पूर्वी दिल्ली के निर्मल जैन और साउथ दिल्ली की अनामिका सिंह ने धरना प्रदर्शन किया।
मेयर्स का कहना है कि दिल्ली सरकार पर 13 हजार करोड़ का बकाया है, जबतक मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुनेंगे वो धरने पर बैठे रहेंगे।
म्युनसिपल कॉर्पोरेशन डॉक्टर एसोसिएशन के RR गौतम के मुताबिक, जबतक सैलरी को लेकर हमारी मांग नहीं मानी जाती है, तबतक वो छुट्टी पर रहेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि अगर पिछले तीन महीने की सैलरी नहीं चुकाई जाती है तो सभी स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर जाएंगे।
सैलरी को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं. 22 अक्टूबर से जंतर मंतर पर इनका धरना चल रहा है, आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मियों को बीते चार महीने से पैसा नहीं मिला है। जब एमसीडी से बात की तो मेयर ने कहा कि MCD के पास ही पैसा नहीं है।
डॉक्टरों की सैलरी की मांग पर बीजेपी और आम आदमी पार्टी में आरोप-प्रत्यारोप की जंग चल रही है. दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने बीते दिनों आरोप लगाया था कि राज्य सरकार तीनों एमसीडी को कमजोर करने में लगी है और डॉक्टरों की सैलरी के लिए पैसा मुहैया नहीं करा रही है।
बीजेपी के अलावा आम आदमी पार्टी की ओर से पलटवार किया गया था। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बीते दिनों कहा था कि एमसीडी वालों के पास होर्डिंग लगाने और प्रचार करने के पैसे हैं, लेकिन डॉक्टरों की सैलरी देने के लिए पैसे नहीं हैं। सत्येंद्र जैन ने कहा था कि जो डॉक्टर हड़ताल पर हैं वो एमसीडी के अस्पतालों के डॉक्टर हैं।
पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। हर रोज तीन हजार से लेकर चार हजार तक नए मामले सामने आ रहे हैं, ऐसे में डॉक्टरों की हड़ताल और उसपर जारी राजनीतिक जंग दिल्ली वालों के लिए चिंता बढ़ा सकती है।

