- सीएम योगी आदित्यनाथ पुष्प वर्षा कर दे गए संदेश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सीएम योगी आदित्यनाथ के क्रांतिधरा पर 10 मिनट का आगमन राजनीतिक दृष्टि से बड़ा संदेश दे गया। कांवड़ यात्रा के इतिहास में कभी कोई सीएम पुष्प वर्षा करने के लिए शिवभक्तों के बीच नहीं पहुंचे। योगी आदित्यनाथ ऐसे पहले सीएम है जिन्होंने शिवभक्तों के बीच पहुंचकर एक तीर से कई निशाने साधे। शिवभक्त को सीएम के आगमन से झूम उठे, वहीं पश्चिमी यूपी की राजनीति में हिन्दुत्व का संदेश देने में कामयाब रहे।

पश्चिमी यूपी वर्तमान में देखा जाए तो भाजपा का ही गढ़ हैं, लेकिन विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं, ऐसे में भाजपा को किसी तरह का खतरा पैदा नहीं हो, इसमें भी योगी आदित्यनाथ आगे की गोटियां फिट कर गए। दरअसल, पश्चिमी यूपी से ही ज्यादातर यूथ कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार जाते हैं। कांवड़ लाने वालों में यूथ की भूमिका व संख्या ज्यादा हैं। इसलिए योगी आदित्यनाथ यूथ को पटाने में भी कामयाब रहे।

क्योंकि यूथ इस बात से खुश है कि पहली बार ऐसा हुआ कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिवभक्तों के बीच पहुंचे और पुष्प वर्षा कर एक अनूठी मिशाल पेश की। राजनीतिक गलियारों में भी निश्चित रूप से सीएम आगमन का संदेश अवश्य जाएगा। 2024 में लोकसभा चुनाव हैं और भाजपा का हिन्दुत्व का एजेंडा ही चलता हैं। इसलिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा में पहुंचकर हिन्दुत्व को ओर अधिक धार दी हैं।
नेताओं को नहीं, अफसरों को थी योगी के कार्यक्रम की जानकारी
सीएम योगी आदित्यनाथ के क्रांतिधरा पर आगमन की सूचना पार्टी के नेताओं को भी नहीं थी। शाम 3.40 पर सीएम का हैलीकाप्टर कृषि विश्वविद्यालय के आलू अनुसंधान केन्द्र में तैयार किये गए हैलीपेड पर उतरे। वैसे तो तैयारी दो से तीन दिन पहले की गई थी। क्योंकि मुख्यमंत्री का सहारनपुर दौरा था। इसी में मेरठ में भी उनका कार्यक्रम तय कर दिया गया। प्रशासनिक अफसरों को इसकी जानकारी थी। मुख्यमंत्री हैलीपेड पर उतरे और सीधे बनाये गए मंच पर पहुंचे गए।

ये मंच भी हैलीपैड से करीब सौ मीटर की दूरी पर स्थित था। दस से पन्द्रह मिनट तक मुख्यमंत्री शिवभक्तों के बीच रहे और पुष्प करते रहे। सीएम भी पूरे मूडे में दिखे। उनके चेहरे पर खुशी झलक रही थी। कुछ भाजपा नेता सीएम के आगमन की सूचना पर दौड़े भी, लेकिन सीएम का यह कार्यक्रम बहुत छोटा था, जिसके चलते पन्द्रह से बीस मिनट ही सीएम शिवभक्तों के बीच रुके फिर उठान भर दी।
कहा ये भी जा रहा था कि सीएम औघड़नाथ मंदिर पर भी जा सकते हैं, जिसके बाद तो प्रशासन के हाथ-पांव ही फूल गए थे। हालांकि बाद में सीएम की तरफ से औघड़नाथ मंदिर जाने का कार्यक्रम फाइनल नहीं हुआ, जिसके चलते प्रशासन ने राहत की सांस ली।
आज ही बना था मंच
प्रशासन आज सुबह से अलर्ट मोड में दिख रहा था। प्रशासन की तमाम गतिविधियां मोदीपुरम क्षेत्र में देखी जा रही थी। जो हाइवे पर आलू अनुसंधन केन्द्र के सामने मंच बनाया गया, वो सुबह प्रशासन ने बनवाया था। इसका मतलब ये है कि सुबह ही मुख्यमंत्री के मेरठ आगमन का कार्यक्रम फाइनल हो गया था, तभी ये मंच बनाया गया। पूरी सुरक्षा को देखते हुए ये सब तैयारी की गई थी। करीब पचास मीटर के दायरे में सुरक्षा का घेरा सीएम के लिए तैयार किया गया था।

