- लाइसेंस बनाने वालों ने कहा दलाल को पैसे दिये
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: संभागीय परिवहन कार्यालय में कमिश्नर ने मंगलवार की सुबह औचक निरीक्षण किया। कमिश्नर के पहुंचने से हड़कंप मच गया और दलाल किस्म के लोग इधर उधर भागने लगे। कमिश्नर ने लाइसेंस बनवाने के लिये लाइन में खड़े लोगों से पूछा तो लोगों ने कहा कि दलालों के माध्यम से पैसे देकर लाइसेंस बनवा रहे हैं। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि जब लाइसेंस आनलाइन बन रहे हैं तो दलालों को पैसे क्यों दिये जा रहे हैं। कमिश्नर की नाराजगी पर आरटीओ समेत अन्य अधिकारी जबाब नहीं दे पाए।

कमिश्नर सुरेंद्र सिंह सीधे सारथी भवन पहुंचे जहां लोग लाइसेंस बनवाने के लिए कतारों में खड़े थे। उन्होंने कतार में खड़े लोगों से पूछा कि लाइसेंस बनवाने के लिए कितने पैसे दिए। कई लोगों ने दलालों के माध्यम से लाइसेंस बनवाने की बात कही। जिस पर कमिश्नर ने कहा कि जब आनलाइन माध्यम से लाइसेंस बन रहे है तो दलालों के माध्यम से क्यों बनवा रहे हो।
इसी तरह कार्यालय में घूम रहे एक व्यक्ति को उन्होंने पकड़ लिया। व्यक्ति किसी दूसरे का लाइसेंस बनवाने के लिए कागज हाथों में लिए था। नई बिल्डिंग में लाइसेंस बनवाने की व्यवस्था को ठीक बताया। इसके बाद कमिश्नर टेस्टिंग कक्ष में पहुंचे जहां कीबोर्ड पर जमा धूल, चार सीपीयू नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की। कमिश्नर ने बाद में पकड़े गए व्यक्ति को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
कमिश्नर ने आरटीओ में अधिकारियों से कहा कि इस बार कोई कार्यवाही नहीं कर रहा हूं, अगर अब शिकायतें मिली तो सख्त कार्यवाही की जाएगी। कमिश्नर के निरीक्षण के समय आरटीओ डा. विजय कुमार आरटीओ प्रशासन श्वेता वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

