जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: यूं तो आये दिन खाकी वर्दीधारी किसी ना विवाद को लेकर पुलिस विभाग को शर्मसार करने के मामले सामने आते रहते हैं। वही एक पुलिसकर्मी ने वर्दी का रौब दिखाकर ग्रामवासियों को धमकाते एवं परेशान करने का मामला सामने आया मजदूर के दो सौ रूपये मामगने पर उसे भददी गालियां दी जिसका ऑडियों सोशल मीड़िया पर वायरल हो गया पीड़ित ने आईजी को पत्र लिखकर सुरक्षा एवं न्याय कि गुहार लगाई हैं।
वही सरकार एवं पुलिस विभाग के उच्चधिकारी ने पुलिसकर्मियों को आम लोगों सं अच्छा व्यवाहर करने के निर्देश दे रखे है। मगर एक प्रवेश नामक पुलिसकर्मी गांव मुकिमपुर थाना भोजपुर के रहने वाले पुलिसकर्मी पर उक्त निर्देशों का कोई भी फर्क नही पडता जिसकी बानगी वर्तमान समय में अमरोहा में तैनात पुलिस कर्मी में देखे को मिली जाये दिन विवादों में रहना ही पसंद करता है।
करीब तीन वर्ष पूर्व आगरा में पोस्टिंग के दौरान तत्कालीन एसएसपी रहे अमित पाठक द्वारा पुलिसकर्मी प्रवेश के कार्यकलापों को लेकर उसे सस्पेंड कर रिपोर्ट उच्चधिकारियों को भेजी दी थी जहां उसका स्थानांतरण आगरा से करीब पांच सौ किलोमीटर दूर जनपद गोरखपुर कर दिया गया।
गोरखपुर में उक्त पुलिसकर्मी ने जुगाड़ कर गोरखपुर से भाजपा सांसद के दिल्ली स्थित आवास पर गार्ड के रूप में तैनाती करा ली। अपने आप को सांसद का पीएस बताते हुए सांसद आवास पर आने जाने वाले लोगों को काम कराने का झांसा देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। एक अधिकारी से उसने काम कराने के नाम पर लाखों रूपये ठग लिए जिसकी सूचना जानकारी सांसद के भाई को मिल गई उसने जमकर लताड़ा और उसे हटाने के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों से कह दिया जिसके बाद उसका स्थानांतरण अमरोहा जनपद में हो गया।
अमरोहा से उसके घर की दूरी महज 50 किलोमीटर रह गई। अब आये दिन शराब के नशे में गांव पहुंचकर गांव के लोगों पर वर्दी का रौब झाड़ मजदूरों से काम करवा लेना और पैसे नहींं देना जैसे मामले को लेकर खाकी को शर्मसार करने लगा। वही एक मजदूरी करने वाले व्यक्ति ने जब अपने काम के ₹200 घर से ले लिए तो उसके फोन पर उसे भद्दी भद्दी गालियां देने और भुगत लेने की धमकी देने का भी ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
दबंग सिपाही ने मजदूर से धमकी देते हुए उसके हिमायतिओं को भी भुगतलने की धमकी देता सुनाई दे रहा। सिपाही के इस आतंक से सभी ग्रामीणों में रोष व्याप्त है और वह आए दिन उसकी बदसलूकी सहन कर रहे हैं। अब मजदूर ने आईजी मेरठ को पत्र लिखकर उक्त सिपाही से जानमाल की सुरक्षा एवं न्याय की गुहार लगाई है।

