Sunday, March 29, 2026
- Advertisement -

निगम कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष कांग्रेस का, भाजपा को झटका

  • मेयर खेमे का टॉप सीक्रेट प्लान रहा पूरी तरह से कामयाब, भाजपा में सेंध
  • निगम के भाजपाई पार्षद सदमे में कोई भी मुंह खोलने को तैयार नहीं, पार्षद तलब

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेयर खेमे की सधी हुई चालों के चलते राजनीतिक शतरंज की बिसात पर भाजपा को मात मिली। नगर निगम कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष कांग्रेस के रंजन प्रभाकर बन गए। सुनीता प्रजापति की इस पद पर ताजपोशी की भगवाधारियों की तैयारियां धरी की धरी रह गयीं। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के चुनाव में मिली करारी हार से भगवाधारी खेमा सन्न है। भाजपा का कोई भी पार्षद इस करारी हार पर मुंह खोलने को तैयार नहीं है।

उपाध्यक्ष का चुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को कराया गया। चुनाव के लिए महापौर सुनीता वर्मा व अपर नगरायुक्तश्रद्धा शांडिल्य सदन में तय समय पर पहुंच गए। कार्यकारिणी के तमाम सदस्य जिनमें निवर्तमान उपाध्यक्ष कुंवर इकरामुद्दीन, रंजन प्रभाकर, नाजरीन व गफ्फार, सुनीता प्रजापति, संदीप रेवड़ी, अजय कुमार मेडिकल, अनुज वशिष्ठ व ललित नागदेव सदन में मौजूद थे।

19 9

मेयर की अनुमति पर श्रद्धा शांडिल्य ने उपाध्यक्ष चुनाव की कार्रवाई शुरू की। भाजपा की ओर से उपाध्यक्ष पद के लिए सुनीता प्रजापति का नाम प्रजोप किया गया। जबकि मेयर समर्थक सर्वदलीय पार्षद दल ने सदन में धमाका करते हुए कांग्रेस के रंजन प्रभाकर का नाम प्रपोज कर दिया। भाजपाइयों को मेयर खेमे की इस चाल की कतई भी उम्मीद नहीं थी।

जानकारों की मानें तो पूर्व विधायक योगेश वर्मा व कुंवर इकरामुद्दीन के अलावा सदन में नाम प्रपोज होने तक इसकी किसी को भनक तक नहीं थी। यहां तक कि मेयर खेमे के सभी सदस्यों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। दरअसल विगत छह फरवरी को कार्यकारिणी के सदस्यों के चुनाव में रणनीति लीक होने की वजह से मेयर खेमा वैसा प्रदर्शन नहीं कर सका जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

इस बार सोची समझी रणनीति के तहत कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के चुनाव में राजनीति की बिसात पर चाल चली गई और सटीक चालों से भगवाधारियों में न केवल सेंध लगाई बल्कि चुनाव में मात भी दे डाली। चुनाव में सुनीता प्रजापति व रंजन प्रभाकर को छह-छह वोट मिले। इससे मामला टाई हो गया। इसके बाद निर्णायक वोट रंजन को मेयर सुनीता वर्मा का मिला। जिसके बाद उनके वोट सात हो गए।

श्रद्धा शांडिल्य ने उन्हें विजयी घोषित कर दिया। उपाध्यक्ष बनने पर समर्थनों ने मेयर सुनीता वर्मा, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, उपाध्यक्ष रंजन शर्मा व कुंवर इकरामुद्दीन को फूल मालाओं से लाद दिया। भाजपाइयों ने भी बधाई दी। सदन में मिली इस करारी हार से भाजपाई सदमे में हैं। वो मुंह खोलने को तैयार नहीं।

संगठन में सन्नाटा पार्षद तलब

नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के चुनाव में मिली करारी भार से संगठन में सन्नाटा है। निगम के तमाम भाजपाई पार्षदों को तलब कर लिया गया है। कार्यकारिणी चुनाव में विभिषण की भूमिका अदा करने वाले का सुराग लगाया जा रहा है।

दरअसल कैंट बोर्ड चुनाव में हुई फजीहत के बाद भगवाधारियों को निगम उपाध्यक्ष के चुनाव में यह दूसरा झटका लगा है। कैंट उपाध्यक्ष चुनाव में व्हिप के इतर बोर्ड सदस्य अनिल जैन, बीना वाधवा, नीरज राठौर, रिनी जैन ने विनोद सोढ़ी को हराने का काम किया। व्हिप की यदि बात की जाए तो केवल मंजू गोयल ने ही संगठन की लाज रखी। संगठन ने प्रदेश नेतृत्व को रिपोर्ट भेजी है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

भविष्य की सुपरस्टार हैं आयशा खान

एक्ट्रेस आयशा खान ने साल 2025 में फिल्म 'जाट'...

सेल्फ ऑब्सेशन के लिए जानी जाती हैं उर्वशी रौतेला

बॉलीवुड से लेकर इंटरनेशनल फैशन और ग्लैमर इंडस्ट्री तक...

मनोरंजन की गिरावट और मौन सेंसर बोर्ड

अजय जैन 'विकल्प' 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता' के दौर में इन दिनों...

फरेब लाल का एआई और ठगी गई जनता

रामपुर गांव के आधुनिकतावादी 'फरेब लाल' ने जब इस...

भविष्य की रोशनी का वैश्विक संकल्प

प्रकृति और मनुष्य का रिश्ता आदिकाल से एक अटूट...
spot_imgspot_img