- पुलिस ने हाथी बड़कला में बैरिकेट लगाकर रोका, बिल को पूंजीपतियों का हितैषी बताया
जनवाणी संवाददाता
देहरादून: किसान बिल के विरोध में लगातार विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। जहां केंद्र सरकार कृषि विधेयक को अच्छा बता रही है तो वहीं कांग्रेस पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि बिल किसान विरोधी है। यह पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए एक साजिश के तहत पारित किया गया है।
इस बिल से किसान पूंजीपतियों के गुलाम बन जाएंगे और बरसों से जमीनों का अधिकार जो किसानों को मिला है उससे किसान वंचित हो जाएंगे।

किसानों से जुड़े तीन नए विधेयक संसद से पास हो चुके हैं, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार के फैसले पर किसान आक्रोशित और उग्र हैं। वही उत्तराखंड में भी किसान संगठनों के नेताओं ने एकजुट होकर मोदी सरकार खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
वहीं विपक्षी दल भी इस बिल को लेकर किसान के साथ आ खड़ा हुआ है। बता दें कि आज मोदी सरकार के कृषि बिल पर विपक्ष ने घेराबंदी की। देहरादून में राजीव भवन से कांग्रेस ने राजभवन कूच किया और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राजभवन कूच किया। विपक्ष ने मोदी सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया और किसानों पर बिल थोपने का आरोप लगाया।
आज देहरादून के राजीव भवन से सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों ने रैली निकालते हुए प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से कृषि कानून वापस लेने की मांग की।
कांग्रेस पार्टी के प्रस्तावित राजभवन घेराव से पहले कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में एक जनसभा का आयोजन किया गया है। इसमें मैदानी जिलों से सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता पहुंचे हैं। जिसके बाद सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवन का घेराव करने जा रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में कांग्रेसी कार्यकर्ता टोलियां बनाकर ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे हैं। किसान बिल के विरोध में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ताओं में आक्रोश नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कृषि विधेयक को किसानों के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है।

