Saturday, March 7, 2026
- Advertisement -

महानगर के प्रदूषण लेवल में लगातार हो रहा इजाफा

  • समय रहते प्रदूषण के स्तर को नहीं रोका तो होगा परेशानी का सबब

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ/मोदीपुरम: प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में इस प्रदूषण की समस्या से निपटना विभाग के लिए बेहद कठिन समय है। हालांकि प्रदूषण विभाग द्वारा महानगर के बढ़ रहे प्रदूषण स्तर को देखते हुए औद्योगिक ईकाईयों एवं कोल्हुओं पर लगातार छापेमार कार्रवाई की जा रही है।

इसकी रोकथाम के लिए उचित कदम भी उठाए जा रहे हैं, लेकिन प्रदूषण स्तर में कोई कमी महसूस नही हो रही है। जिसके चलते लोगों को परेशानी से गुजरना पड़ सकता है। हालांकि इस बार पराली जलाने वालों के खिलाफ पहले ही सरकार ने सख्त हिदायत दे रखी है। जिसके चलते इस बार किसानों पर भी सरकार की पैनी निगाह है।

इससे प्रदूषण के स्तर में कोई भी बढ़ोतरी न हो। इसके लिए इस बार सरकार पहले ही सावधानी बरत रही है। महानगर में तीन स्थानों पर प्रदूषण के लेवल को जांचने के लिए एक्यूमेंट प्रदूषण विभाग द्वारा लगाए गए है। अगर इनका प्रदूषण स्तर देखा जाए तो यहां स्थिति बेहद नाजुक देखने को मिल रही है।

जयभीम नगर का प्रदूषण स्तर 251 गंगानगर का प्रदूषण स्तर 265 और पल्लवपुरम का प्रदूषण स्तर 211 है। जबकि पूरे महानगर का प्रदूषण स्तर 231 पर है। हालांकि अन्य शहरों के प्रदूषण लेवल को देखा जाए तो हमारे शहर में फिर भी प्रदूषण के स्तर से हल्की राहत है, लेकिन अगर यह स्तर लगातार बढ़ता रहा था तो ऐसे में परेशानी खड़ी हो जाएगी।

औद्योगिक ईकाईयों और गन्ना कोल्हुओं पर इस बार सख्त निगाह है। क्योंकि यहां प्रदूषण का लेवल अधिक बढ़ने की संभावना रहती है। जिसके चलते इनके प्रदूषण से लोगों को परेशानी खड़ी हो जाती है।

इन शहरों का प्रदूषण स्तर

  1. मुजफ्फरनगर 282
  2. नोएडा 352
  3. बागपत 341
  4. गाजियाबाद 323
  5. मेरठ 231

महानगर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए औद्योगिक ईकाईयों एवं गन्ना कोल्हुओं पर छापेमार कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम द्वारा पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्ररियों को नोटिस दे दिए गए है। महानगर में प्रदूषण के स्तर को रोकने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे है। जो गन्ना कोल्हू संचालक सील के बाद भी सील तोड़कर पन्नी जला रहे है। उनके खिलाफ अब प्रतिदिन 25 हजार रुपये के जुर्माने के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही इन कोल्हुओं पर रात में भी छापे मार अभियान शुरू कर दिया गया है। -योगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

बच्चों को भी देना चाहिए सम्मान

सिद्धार्थ ताबिश मेरा बड़ा बेटा इस बात को सुनकर बड़ा...

युद्ध का सीजन बारहों महीना

जो युद्ध के कारोबारी हैं, उनका सीजन बारहों महीना...

मध्य पूर्व के सतत झगड़े के वैश्विक निहितार्थ

मध्यपूर्व जिसे भारत के संदर्भ में पश्चिमी एशिया कहा...

नीतीश युग का अवसान

बिहार की राजनीति लंबे समय से व्यक्तित्व-केन्द्रित और गठबंधन-आधारित...
spot_imgspot_img