- खड़ौली से लेकर सकौती तक दो दर्जन निर्माणों को थमा दिए गए नोटिस
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एनएच-58 पर रोड वाइडिंग में अवैध निर्माण कर दिये गये। रोड वाइडिंग तक एनएचएआई की जमीन हैं, जिसका अधिग्रहण किया जा चुका हैं। सर्वाधिक खड़ौली से लेकर सकौती तक दो दर्जन निर्माणों को नोटिस थमा दिये गए हैं। इन पर एनएचएआई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। खड़ौली में एक धार्मिक स्थल भी रोड वाइडिंग में हैं तथा जितने भी यहां ढाबे और दुकानों का निर्माण हुआ, वो सभी रोड वाइडिंग के दायरे में आते हैं। इसलिए इन पर कार्रवाई करने से पहले नोटिस भेजे जा रहे हैं।
दरअसल, एनएचएआई को वैसे तो पहले ही इसमें कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों में चलती रही, धरातल पर नहीं। अब हाइवे पर रोड बाइडिंग का मामला फिर से उठ गया हैं। एनएचएआई की तरफ से दा कलाम रेस्टोरेंट समेत दो दर्जन ढाबों को रोड बाइडिंग से निर्माण हटाने के लिए कहा गया हैं। ये पहला चेतावनी नोटिस दिया गया हैं। एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि 38 मीटर तक रोड बाइडिंग हैं, जिसमें किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता। इसके बाद ग्रीन वर्ज हैं। फिर भी ग्रीन वर्ज में अवैध निर्माण कर दिये गए हैं।

अब एनएचएआई की नींद टूटी है कि रोड वाइडिंग में किये गए निर्माणों को तोड़ा जाए। अब देखना ये है कि बात नोटिस तक ही सीमित रहेगी या फिर से निर्माण तोड़ने की धमकी तक ही सीमित रहेंगे। रोड वाइडिंग में निर्माण के कारण खड़ौली में जाम की बड़ी समस्या पैदा हो गयी हैं। एनएचएआई की पूरी जिम्मेदारी है कि निर्माण को हटवाये और जाम की समस्या को खत्म कराये।
ढाबो पर ट्रकों के खड़े होने से भी विकट समस्या पैदा हो गई हैं। उसे भी पुलिस नही हटा पा रही हैं। खड़ौली में बाइक सवारों ने कट बना लिये हैं, जिसके चलते भी हाइवे पर जाम लगने लगा हैं। हाइवे पर कभी जाम नहीं लगता था, लेकिन अब स्थिति विकट पैदा हो गई हैं। इसको एनएचएआई को गंभीरता से लेना होगा। वाहनों से टोल तो बराबर लिया जा रहा हैं, लेकिन सुविधा पूरी नहीं दी जा रही हैं। इसके चलते लोग खफा हैं।

