- पांच वर्षों के लिए 59 हजार करोड़ की छात्रवृत्ति
- राष्ट्रीय सफाई आयोग की सदस्य की प्रेसवार्ता
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: राष्ट्रीय सफाई आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए अगले पांच सालों के लिए जारी की 59 हजार करोड़ की मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति से इस वर्ग के छात्र अपनी शिक्षा को जारी रख सकेंगे। साथ ही, उनको उच्चतर शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा।
मंगलवार को राष्ट्रीय सफाई आयोग की सदस्य मंजू दिलेर भाजपा जिला कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के 1.36 करोड़ से अधिक गरीब छात्र ऐसे हैं जो 10 वीं कक्षा के बाद अपनी शिक्षा को जारी नहीं रख सकते हैं।
इसलिए उनको अगले पांच वर्षों में उच्चतर शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत लाने के लिए केंद्र सरकर ने 59 हजार करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति जारी की है। यह स्कीम सुरक्षा उपायों के साथ ऑनलाइन प्लेटफार्म पर संचालित की जाएगी जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही, कार्यक्षमता तथा बिना विलम्ब के समयबद्ध सहायता सुनिश्चित होगी। राज्य पात्रता, जातिगत स्थिति, आधार पचाहन तथा बैंक खाता के ब्यौरे की ऑनलाइन पोर्टल पर अभेद्य जांच करेंगे।
इस स्कीम के अंतर्गत छात्रों को वित्तीय सहायता का आहरण डीबीटी मोड के माध्यम से और अधिमान्यता आधार सबल भुगतान प्रणाली में लाकर किया जाएगा। वर्ष 2021-22 से प्रारंभ करते हुए स्कीम में केंद्र का अंश 60 प्रतिशत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छात्रों के बैंक खातां में डीबीटी मोड के माध्यम से जारी किए जाएंगे।
राष्ट्रीय सफाई आयोग की सदस्य ने बताया कि केंद्रीय सहायता वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 के दौरान 1100 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष थी, जिसे वर्ष 20-21 से 2025-26 के दौरान 5 गुणा से अधिक पढ़ाकर लगभग 6000 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष किया जाएगा। राज्य सरकारें एससी छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए इस कार्यनीति को कार्यान्वित करनें में भागीदार होंगी।
इस दौरान जिलायक्ष सतेन्द्र तोमर, महामंत्री विशेष सरोहा, कपिल पंवार, सुखचैन वालिया, घनश्याम पार्चा, डा. ज्योति जैन, निशिकांत संगल आदि मौजूद रहे।

