- अस्पताल में डाली निर्माण सामग्री, कमरे में भरा सीमेंट
- डंपरों व जेसीबी धंसी सड़क, पाइप लाइन फटी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अहमद रोड पर नालो का निर्माण करा रहे ठेकेदार ने जिला महिला अस्पताल यानी डफरिन अस्पताल में अवैध कब्जा जमा लिया है। अस्पताल के अंदर ठेकेदार ने डंपिंग यार्ड बना दिया है। यहां रेत बदरपुर का अंबार लगा दिए हैं, वहीं ईंटों के चट्टे खड़े कर दिए हैं। इतना ही नहीं अस्पताल के एक कमरे में सीमेंट का गोदाम और कई कमरों में मजदूर की आरामगाह बना डाली। यहां बड़े ट्रक डंपर, जेसीबी मशीन, पानी के टैंकर खड़े किए जा रहे हैं
जिससे अस्पताल की मुख्य सड़क धंस गई है और पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है जलभराव होने से वहां गर्भवती महिलाएं तीमारदार गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन ठेकेदार कब्जा हटाने को तैयार नहीं है। छतरी वाले पीर तीराहे से लेकर बागपत गेट तक नालो का निर्माण किया जा रहा है। पीर तिराहे से लेकर घंटाघर तक दोनों ओर नाले बने हुए हैं। यहां एक ओर नाला बनाकर उसे लिंटर डालकर पाट दिया गया।

दूसरी ओर जिला महिला अस्पताल और जिला अस्पताल से सटे नाले में सीमेंटेड पाइप डालकर उसे पाटने का कार्य किया जा रहा है। उक्त निर्माण कार्य करीब डेढ़ वर्ष से चल रहा है। उक्त निर्माण कार्य की आड़ में नगर निगम के ठेकेदार ने जिला महिला अस्पताल में अवैध कब्जा कर डाला है। ठेकेदार ने अस्पताल मेन गेट में घुसते ही रास्ते पर रेत बदरपुर की अंबार लगा दिए हैं और हजारों ईटों के चट्टे खड़े कर दिए हैं। मेन गेट में घुसते एक कमरे में ठेकेदार ने अवैध रूप से कब्जा कर उसे सीमेंट का गोदाम बना कर वहां अपना ताला ठोक दिया है।
कई कमरों में ठेकेदार के मजदूर आराम फरमाते हैं। आए दिन अस्पताल में दस टायरा बड़े ट्रक हजारों ईंटें लेकर व अन्य निर्माण सामग्री लेकर आते जाते हैं। ठेकेदार ने अवैध अस्पताल में डंपर ट्रक और जेसीबी मशीन व पानी के टैंकर की अवैध पार्किंग बना डाली। अस्पताल की सड़क की क्षमता एम्बुलेंस के चलने तक की है, लेकिन इस पर सौ-सौ टन माल लेकर आने वाले ट्रक और डंपर आदि की आवाजाही से सड़क बैठ गई है। पानी की पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे वहां जलभराव हो रहा है और रोजाना लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।

जलभराव वहां आने जाने वाले मरीजों के लिए मुसीबत बना है। आए दिन गर्भवती महिलाएं और तीमारदार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से मरीज के इनकी चपेट में आकर बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने कई बार ठेकेदार से अवैध कब्जा हटाने को कहा, लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं। अब तंग आकर अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ ज्योत्सना कुमारी ने नगर आयुक्त और डीएम, एसएसपी को पत्र भेज कर अवैध कब्जा हटवाने वाहनों की आवाजाही बंद करने की गुहार की है।
नाले का निर्माण कर रहे ठेकेदार ने अस्पताल के अंदर निर्माण सामग्री डालकर और कई कमरों में अवैध कब्जा कर लिया है इसके अलावा भारी बानो की पार्किंग बना दी है जिससे यहां मेन गेट टूट गया है मेन सड़क बैठ गई है और पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है वहां पानी भरा रहता है जिसमें अक्सर महिला मरीज, तीमारदार गिरकर छोटी हो जाते हैं इसके अलावा कई भारी बानो से अस्पताल का गेट क्षतिग्रस्त हो गया है और बाउंड्री वॉल भी टूट गई है।
ठेकेदार से कई बार अवैध कब्जा हटाने व वाहनो को अस्पताल के अंदर ना भेजना के लिए कहा, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं है। नगर निगम के अधिकारियों से भी गुहार की गई लेकिन कोई भी ठेकेदार को रोकने को तैयार नहीं। अब उन्होंने नगर आयुक्त डीएम और एसएससी को पत्र भेज कर गुहार की है। -डा. ज्योत्सना कुमारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डफरिन अस्पताल।

