Monday, March 23, 2026
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2017 के अभिनेत्री उत्पीड़न केस में बढ़ा विवाद, दिलीप के बरी होने को चुनौती देगी केरल सरकार

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: साल 2017 में हुए चर्चित अभिनेत्री उत्पीड़न मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल बढ़ गई है। केरल सरकार ने अभिनेता दिलीप को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, राज्य सरकार उन छह दोषियों को दी गई सजा को भी उच्च न्यायालय में चुनौती देने की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार, यह अपील केरल हाईकोर्ट की क्रिसमस छुट्टियों के खत्म होते ही दाखिल की जाएगी।?

अपील दायर करने की राज्य सरकार ने दी मंजूरी

प्रॉसिक्यूशन विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने अभिनेता दिलीप को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। विशेष लोक अभियोजक वी. अजा कुमार ने भी इस बात की पुष्टि की है कि सरकार की ओर से हरी झंडी मिल चुकी है, और अब केवल अदालत की छुट्टियों के खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार का रुख स्पष्ट है और इस मामले में किसी भी तरह की देरी नहीं की जाएगी। अपील केरल हाईकोर्ट में दाखिल की जाएगी, और सरकार पूरी तरह से इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि उन्होंने ट्रायल कोर्ट के फैसले का गहराई से अध्ययन किया है और अपील के लिए विस्तृत आधार तैयार कर लिया गया है। यह रिपोर्ट पहले डायरेक्टर जनरल ऑफ प्रॉसिक्यूशन को सौंपी गई, जिसके बाद इसे राज्य सरकार तक पहुंचाया गया। सरकार ने इस पर सहमति जताते हुए जल्द से जल्द कानूनी कदम उठाने का निर्देश दिया है।

छह आरोपियों को 20 साल की सजा का ऐलान

बता दें कि एर्नाकुलम जिला एवं प्रधान सत्र न्यायालय ने इस मामले में छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इनमें मुख्य आरोपी पल्सर सुनी भी शामिल है। वहीं, अदालत ने आठवें आरोपी अभिनेता दिलीप समेत तीन अन्य को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। अभियोजन पक्ष का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने लगभग 60 गवाहों की गवाही के आधार पर छह लोगों को दोषी माना, लेकिन उसी साक्ष्य को आधार बनाकर अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया, जो न्यायिक दृष्टि से सवाल खड़े करता है।

सोशल मीडिया के जरिए अपनी निराशा की जाहिर

इस फैसले के बाद पीड़िता अभिनेत्री ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी निराशा भी जाहिर की थी। उनका मानना था कि उन्हें पूरे न्याय की उम्मीद थी और फैसले ने कई अनुत्तरित सवाल छोड़ दिए हैं। अब राज्य सरकार की अपील से एक बार फिर उम्मीद जगी है कि मामले की दोबारा न्यायिक समीक्षा होगी। यह मामला फरवरी 2017 का है, जब एक फिल्म शूटिंग के बाद अभिनेत्री त्रिशूर से एर्नाकुलम जा रही थीं। रास्ते में उन्हें अगवा कर चलती गाड़ी के अंदर यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया। आरोप है कि इस अपराध को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किया गया।

बाद में जांच में अभिनेता दिलीप का नाम साजिश रचने के आरोप में सामने आया और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अब केरल सरकार के इस फैसले के बाद साफ है कि यह केस अभी खत्म नहीं हुआ है। हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई न सिर्फ इस मामले की दिशा तय करेगी, बल्कि यह भी तय होगा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में न्याय प्रणाली किस तरह आगे बढ़ती है।

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