जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। कांवड़ियों को लेकर दिए गए उनके हालिया बयान ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल मचा दी है। उनके बयान के विरोध में विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने नाराजगी जाहिर करते हुए उनके लखनऊ स्थित आवास पर “जलाभिषेक” करने की बात कही है।
घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गुरुवार को स्वामी प्रसाद मौर्य के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। सुबह विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कई कार्यकर्ता और नेता उनके आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे, लेकिन पहले से मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोका और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया।
#WATCH | Lucknow: Heavy police force deployed outside Rashtriya Shoshit Samaj Party National President Swami Prasad Maurya, as members of Vishwa Hindu Raksha Parishad gather to protest against his remarks on Kanwariyas.
— ANI (@ANI) July 24, 2025
Vishwa Hindu Raksha Parishad has called for a… pic.twitter.com/AN3lZpDv4j
क्या कहा था स्वामी प्रसाद मौर्य ने?
स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बयान में कहा था कि भगवान शिव को भोलेबाबा कहा जाता है, लेकिन उनके नाम पर कुछ लोग कांवड़ यात्रा के दौरान तोड़फोड़ और उपद्रव कर रहे हैं। उन्होंने इन कांवड़ियों को “सत्ता संरक्षित गुंडे” बताया और आरोप लगाया कि इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन गतिविधियों की रिकॉर्डिंग मौजूद है, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
#WATCH | Lucknow: Rashtriya Shoshit Samaj Party National President, Swami Prasad Maurya says, "…These are not Kanwariyas; they are goons, mafia, criminals protected by the government. In the guise of Kanwariyas, they are creating an environment of fear and terror in the entire… pic.twitter.com/SiY62uqvHK
— ANI (@ANI) July 21, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग यात्रा के नाम पर उपद्रव कर रहे हैं, उनके पोस्टर लगाए जाएंगे और यात्रा समाप्त होने के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस पूरे प्रकरण ने यूपी की राजनीति में नया तूफान ला दिया है। धार्मिक आस्था और कानून व्यवस्था को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं। जहां एक ओर स्वामी प्रसाद मौर्य अपने बयान पर अडिग हैं, वहीं दूसरी ओर हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

