- आज 143 पॉजिटिव, इससे पहले पांच एसीएमओ और एकाउंट, मैनेजर समेत कई हो चुके संक्रमित
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जब सीएमओ आॅफिस ही संक्रमण की चपेट में आ जाएगा तो फिर जनपद में कोरोना से खुद को कौन सुरक्षित समझ सकता है। सीएमओ आॅफिस जिस पर पूरे जिला को कोरोना से सुरक्षित रखने का जिम्मा है फिलहात उस आफिस में संक्रमण की चेन बन चुकी है। गुरुवार को आई रिपोर्ट में सीएमओ आफिस के आठ लोग संक्रमित मिलने से हड़कंप मच गया है। गुरुवार को आई रिपोर्ट में 143 लोग संक्रमित निकले और एक मरीज की मौत हो गई।
सीएमओ डा. राजकुमार ने बताया कि गुरुवार को 4801 लोगों की टेस्टिंग कराई गई थी। इसमें 143 लोग संक्रमित निकले हैं। अब तक जनपद में 13510 लोग पॉजिटिव निकल चुके हैं। जबकि एक मरीज की मौत हो चुकी है। अब तक 307 लोग कोरोना के कारण दम तोड़ चुके हैं।
उन्होंने बताया कि आज 149 लोग पूरी तरह से ठीक होकर घर जा चुके है। अब तक 11834 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 1369 लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं और 848 लोग होम आइसोलेट हैं। कोरोना के कारण सीएमओ आफिस पूरी तरह से खाली हो चुका है।
आठ लोगों के पॉजिटिव निकलने से हालात यह हो गए है कि कोरोना की रिपोर्ट तैयार करने वाला कोई नहीं बचा है। वहीं बताया जा रहा है कि बागपत रोड स्थित मेट्रो मॉल के 13 कर्मचारी पॉजिटिव निकले हैं। सरकार लाख दावा करे कि कोरोना कम हो रहा है, लेकिन जिस तरह से केस लगातार बढ़ रहे हैं उससे स्वास्थ्य विभाग चिंतित है और शासन ने नोडल अधिकारी पी गुरुप्रसाद को फिर से मेरठ भेजा है।
इन्हें मारा है कोरोना ने डंक
सीएमओ आॅफिस के जिन लोगों को कोरोना का डंक लगा है, उनमें पांच एसीएमओ के अलावा कार्यालय के जिला एकाउंट आॅफिसर पुष्पेन्द्र कुमार व उनका सहयोगी धर्मेंद्र भी शामिल है। वहीं, यदि एसीएमओ की बात की जाए तो इनमें बड़ा नाम डा. पूजा एसीएमओ आर का है। इनके अलावा डा. प्रवीण गौतम, डा. एसएस चौधरी, डा. एसके सिंह भी संक्रमितों की सूची में शामिल हैं। मनीष नाम के एक अन्य कर्मचारी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है।
कर्मचारियों में दहशत
सीएमओ आॅफिस में कोरोना संक्रमण के लगातार आ रहे केसों की वजह से तमाम कर्मचारी दहशत में है। जो हालात बने हुए हैं उससे साफ है कि स्टाफ में कोरोना संक्रमण की चेन बन गयी है। जिसके चलते आए दिन कोई न किसी न किसी स्टाफ की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। कर्मचारियों सबसे ज्यादा डर इस बात का सताता है कि कहीं वो कोरोना के कॅरियर न बन जाएं। उनकी मार्फत संक्रमण का वायरस परिवार तक न पहुंच जाए।
कार्यालय न बंद किए जाने पर सवाल
कोरोना संक्रमण के लगातार केसों के बाद भी सीएमओ कार्यालय को सैनिटाइज किए जाने के लिए बंद न किए जाने पर भी सवाल खडे हो रहे हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत संविदा कर्मचारियों की है। ऐसे कर्मचारियों को केस आने के बाद भी काम पर बुलाया जा रहा है।
बीके माहेश्वरी स्कूल की प्रिंसीपल समेत सात टीचर संक्रमित
कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। अक्तूबर में कोरोना की रफ्तार धीमी हुई थी, लेकिन नवंबर में कोरोना ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। बीके माहेश्वरी स्कूल में डीएलएड परीक्षा से ठीक पहले जब कोरोना की टेस्टिंग कराई गई तो स्कूल की प्रधानाचार्या समेत सात शिक्षिकाएं कोरोना पॉजिटिव निकल आई। इससे स्कूल में हड़कंप मच गया और स्कूल को बंद कराया गया। वहीं, डीआईओएस आॅफिस में भी कोरोना पॉजिटिव निकला है।
गत दिवस सेठ बीके महेश्वरी की एक शिक्षिका को कोरोना होने के कारण गुरुवार सुबह डीएलएड की परीक्षा से पूर्व सभी शिक्षिकाओं का कोविड-19 परीक्षण किया गया। जिसमें सात शिक्षिकाएं प्रधानाचार्य सहित कोरोना संक्रमित पाई गई। गत दिवस जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के दो लिपिकों ने दिन भर कार्य किया।
रात को उनका स्वास्थ्य खराब हो गया तथा उनकी कोरोना की जांच होने के बाद कोरोना होने की पुष्टि हुई। जिससे जिला विद्यालय शिक्षा कार्यालय के साथ-साथ शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरिजेश कुमार चौधरी ने तत्काल जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को सील करा कर सभी कर्मचारियों को कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठा दिया तथा कार्यालय को सैनिटाइज करा दिया गया।
उसके बाद नगर निगम से भी कार्यालय को सैनिटाइज कराया गया। कंट्रोल रूम प्रभारी डा. मेघराज सिंह ने तत्काल चिकित्सकों की टीम भेजकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के सभी कर्मचारियों के साथ-साथ डीडीआर व संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय के सभी कर्मचारियों के कोविड-19 कराए गए सभी टेस्ट निगेटिव आए। साथ साथ जिला विद्यालय निरीक्षक के समीप संचालित चाय की दुकान पर कार्य करने वाले व्यक्तियों के भी टेस्ट कराए गए।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी कोविड-19 का टेस्ट कराया जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। अब जिला विद्यालय निरीक्षक ने आदेश दिए कि जो कर्मचारी कार्यालय में आएंगे वे अपनी कोविड-19 की रिपोर्ट लेकर ही प्रवेश कर पाएंगे अन्यथा अनुशासनहीनता की कार्रवाई की जाएगी।
सरधना में दो लोग कोरोना पॉजिटिव
क्षेत्र में कोरोना केस कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। गुरुवार को भी नगर में दो लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। साथ ही उनके परिवार को होम क्वारंटाइन कर दिया गया। नगर के बेलदारान मोहल्ला निवासी युवक परतापुर एक फैक्ट्री में काम करता है।
गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां स्टाफ की जांच की तो पता चला कि युवक कोरोना पॉजिटिव है। इसके अलावा सरधना से दो दिन पूर्व जांच के लिए लैब भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आई तो पता चला कि भामौरी गांव का एक व्यक्ति भी संक्रमित है। इस तरह क्षेत्र में कुल दो केस सामने आए।
जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। साथ ही उनके परिवार को भी होम क्वारंटाइन कर दिया गया। इसके अलावा सरधना में टीम ने 125 लोगों की जांच की। इन जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। इस संबध में सीएचसी प्रभारी डा. राजेश कुमार का कहना है कि दो केस सामने आए हैं। उनके संपर्क में आने वाले लोगों की भी जांच कराई जाएगी।
मौड़खुर्द बैंक के उप प्रबंधक
बहसूमा: क्षेत्र के गांव मौडखुर्द स्थित पीएनबी की शाखा में तैनात उपप्रबंधक प्रतीक पांडे गुरुवार को कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। प्रतीक पांडे बीते सप्ताह ट्रेनिंग के लिए गए थे। वहां से आने के बाद उनकी कोरोना जांच की गई थी। गुरुवार को आई जांच में वह पॉजिटिव पाए गए हैं।
इस बाबत जानकारी देते हुए पंजाब नेशनल बैंक की मौड़खुर्द शाखा के मैनेजर नीतीश राठौड़ ने बताया की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना उन्हें सीएमओ ने फोन पर दी है। सीएमओ के निर्देश पर बैंक को दो दिन बंद रखने के आदेश दिए हैं। बैंक मैनेजर नीतीश राठौड़ ने बताया की बैंक खुलने से पहले बैंक को सैनिटाइज किया जाएगा। उन्होंने स्टाफ के सभी लोगों को कोरोना की जांच कराने के भी निर्देश दिए हैं।

