- 580 स्वास्थ्यकर्मियों को दिया जा चुका है टीकाकरण के लिए प्रशिक्षण
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इसी के साथ छह लाख सिरिंज भी पहुंच चुकी है। कुल 580 स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण के लिए प्रशिक्षण पहले ही दिया चुका है। मंगलवार को छह स्थानों पर कोरोना वैक्सीनेशन का ड्राईरन (पूर्वाभ्यास) किया गया।
बता दें कि कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर शासन के साथ ही विभागीय स्तर पर तैयारी जारी हैं। वैक्सीन लगाने को लेकर मंगलवार को जिले के छह स्वास्थ्य केन्द्रों पर ड्राईरन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. बीएस सोढ़ी ने बताया कि वैक्सीनेशन को लेकर शासन के दिशा-निदेर्शों का पूरी तरह अनुपालन किया जा रहा है। करीब डेढ़ माह से स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में प्रशिक्षण दे रहा है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल छह लाख सिरिंज आ चुकी हैं। यही नहीं, कोरोना वैक्सीन रखने के लिए कोल्ड चेन सेंटर का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। लखनऊ से वैक्सीन जल्द आने की उम्मीद है। जिला अस्पताल में डीप फ्रीजर पहले से ही हैं। वैक्सीन रखने के लिए अलग से दो कमरों का भवन भी तैयार कर दिया गया है। फिलहाल, मंगलवार को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए ड्राईरन किया गया।
सीएमओ डा. सोढ़ी ने बताया कि जनपद में कुल छह स्थानों पर कोरोना वैक्सीनेशन का ड्राईरन किया गया। इसमें तीन ड्राईरन शहर में और तीन ही देहात में किए गए। सेठ बलदेव दास बाजोरिया अस्पताल, पुराना अस्पताल नेहरू मार्केट, बाजोरिया रोड स्थित तारावती अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ( सीएचसी) सरसावा, सीएचसी रामपुर मनिहारान तथा सीएचसी पुंवारका इसमें शामिल हैं।
सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक केन्द्र पर एक नोडल अधिकारी और पांच सदस्यों की टीम शामिल रही। ड्राईरन सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक चला। हर स्थान पर 25-25 लोगों को बुलाया गया था। पांच सदस्यीय टीम को ड्राईरन के दौरान बताया गया कि वैक्सीनेशन के दौरान क्या-क्या सावधानी बरती जानी है। साथ ही यह भी बताया गया कि कैसे वैक्सीन का रखरखाव होगा।
कितनी मात्रा में वैक्सीन देनी है। सीएमओ ने बताया कि शासन के निर्देश हैं कि पहले चरण में जनपद के सरकारी और गैरसरकारी स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा। इनकी संख्या करीब 13800 है। इसके बाद पुलिसकर्मियों और फिर सफाईकर्मियों को टीके लगाए जाएंगे। इनके बाद 50 वर्ष से अधिक उम्र वालों को टीका उपलब्ध कराया जाएगा। गंभीर रोगों से ग्रस्त लोगों को भी इसी कड़ी में शामिल किया जाएगा।

