- सुपरवाइजर दंपति से पूरे थाने में बांटी मिठाई
जनवाणी संवाददाता |
परतापुर: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे स्थित काशी टोलप्लाजा के पास बुधवार सवेरे अज्ञात कार सवार अंधेरे में एक मासूम नवजात को फेंक गए। जिसकी सूचना दिल्ली के एक व्यापारी ने पुलिस को दी। सूचना पर परतापुर पुलिस पहुंची और बच्ची को थाने ले आई तभी सूूचना पाकर एलएंडटी के सुपरवाइजर थाने पहुंचे और पुलिस से रिक्वेस्ट कर बच्ची को प्राप्त कर लिया। इस खुशी में सुपरवाइजर ने पूरे थाने में मिठाई बांटी।
एलएंडटी के सुपरवाइजर मनीष वर्मा की सात साल पहले शादी हुई थी, लेकिन उसको संतान की प्राप्ति नहीं हो सकी थी। बुधवार को मनीष वर्मा को पता चला कि एक नवजात बच्ची मिली तो वह भागता हुआ परतापुर थाने पहुंचा और इंस्पेक्टर रामफल सिंह से आपबीती बताकर बच्ची को देने के लिए कहा। जिस पर इंस्पेक्टर ने जिलाधिकारी से बात कर सुपरवाइजर को बच्ची की डाक्टरी करा और कागजी कार्रवाई कर सुपुर्द कर दिया।
इसके बाद सुपरवाइजर ने थाने में मिठाई का वितरण किया। बच्ची को पाकर मनीष वर्मा की पत्नि खुशी से झूम उठी। इंस्पेक्टर रामफल सिंह का कहना है कि बच्ची मात्र 15 दिन की है फिलहाल परवरिश के लिए नवजात को मनीष वर्मा को दिया गया है। नियम के तहत डीएम की निगरानी में एक कमेटी बनेगी, कमेटी जो फैसला करेगी वही फाइनल होगा।
पेट्रोल पंप पर दो पुलिस कर्मियों की अभद्रता का वीडियो वायरल
मेरठ: पेट्रोल पंप पर दो पुलिस कर्मियों की अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर बुधवार की दोपहर में वायरल हुआ। वायरल वीडियो में दो पुलिसकर्मी एक बाइक पर बैठे है तथा बीच में आरोपी को बैठाया गया हैं। ये कैमरे में कैद हो गए। ये ट्रिपलिंग करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में भी देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी ने हेलमेट भी नहीं लगाया हुआ है, जिसका पेट्रोल पंप पर पुलिस कर्मियों ने अभद्रत कर दी। युवक ने अभद्रता का विरोध कर दिया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने युवक को धकियाते हुए ले गए तथा अभद्रता करने की घटना कैमरे में कैद हो गई।

युवक के साथ अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बच्चा पार्क ईव्ज पेट्रोल पंप का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस वायरल वीडियो की जांच पड़ताल कर वीडियो पर संज्ञान लेने की बात कर रही है। फिलहाल अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस ऐसे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करती है या फिर नहीं। इस तरह का मामला नोएडा का भी सामने आया हैं। उसमें तो पुलिस ने कार्रवाई कर दी, लेकिन इसमें देखना है कि कब तक कार्रवाई एसएसपी कर पाएंगे?

