जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अखलाक मॉब लिंचिंग मामले में आज सुनवाई हुई, जिसमें फास्ट-ट्रैक अदालत (एफटीसी) ने अभियोजन पक्ष द्वारा केस वापस लेने की अर्जी को आधारहीन और महत्वहीन मानते हुए उसे खारिज कर दिया।
मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा लगाई गई अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई के लिए तारीख तय की गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय की है और मामले में प्रतिदिन सुनवाई की प्रक्रिया अपनाने का आदेश दिया। इस दौरान, अदालत ने अभियोजन पक्ष को आगे गवाहों के बयान दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही, पुलिस आयुक्त और डीसीपी ग्रेटर नोएडा को यह निर्देश दिया गया कि यदि गवाहों को सुरक्षा की आवश्यकता हो, तो उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान की जाए।
अखलाक के परिवार के अधिवक्ता, युसूफ सैफी और अंदलीब नकवी ने बताया कि अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से लगाई गई याचिका को निरस्त कर दिया है। साथ ही, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 जनवरी की तारीख तय की है। उल्लेखनीय है कि इस साल अक्टूबर में राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी थी कि मुकदमा वापस लेने से सामाजिक सौहार्द बहाल होगा।

