- केरल के शिहाब तय करेंगे साढ़े आठ हजार किलोमीटर से अधिक का सफर
- पाकिस्तान, ईरान, इराक व कुवैत के रास्ते आठ माह बाद पहुंचेगे सऊदी अरब
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: खुदा का घर देखने की ललक हर दिल की होती है, हांलाकि आर्थिक परिस्थतियों के चलते हर किसी की यह हसरत पूरी नहीं हो पाती लेकिन जब इरादे मजबूत हों और ख्वाहिशें परवान चढ़ चुकी हों तो दीदार ए काबा की राह खुद ही आसान भी हो जाती है। कुछ इसी तर्ज पर अपनी इस ललक को पूरा करने की ठानी है केरल के शिहाब नामक एक युवक ने। सभी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शिहाब अपने घर से सऊदी की ओर रवाना हो चुका है।
भारत के आखिरी छोर केरल के मलप्पुरम जिले के कोट्टक्कल के पास अठावनाड एक इलाका है। यहीं के रहने वाले शिहाब पिछले दिनों पैदल हज सफर पर निकल चुके हैं। वो अकेले ही पैदल चलकर 86 सौ किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर आठ महीने बाद मक्का शहर पहुंचेगे।
शिहाब अपने घर से निकल चुके हैं और रास्ते में उनका विभिन्न स्थोनों पर स्वागत भी हो रहा है। शिहाब पाकिस्तान, ईरान, इराक व कुवैत के रास्ते होते हुए सऊदी अरब पहुंचेंगे। बताते चलें कि शिहाब पिछले एक साल से इस रुहानी सफर पर निकलने की तैयारियों में जुटे हुए थे।
शिहाब के इरादे देख विदेश मंत्रालय भी चकराया
शिहाब ने जब मक्का जाने के लिए विदेश मंत्रालय में अर्जी दी तो विभागीय अधिकारी भी हैरान रह गए क्योंकि विदेश मंत्रालय के पास इससे पूर्व कभी भी ऐसी अर्जी किसी ने नहीं लगाई थी। हांलाकि शिहाब के सभी डॉक्यूमेंट्स वेरीफाई करने व अन्य सभी संबधित कागजी कार्रवाई पूरी हो जाने पर विदेश मंत्रालय ने भी शिहाब के सफर को हरी झण्डी दे दी।
हीरो की तरह स्वागत, सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेन्ड
हज के लिए निकले शिहाब का विभिन्न स्थानों पर स्वागत हो रहा है। सबसे पहले मालाबार में कई स्थानों पर उनका भव्य स्वागत हुआ। इसके बाद चलियम पहुंचने पर भी बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत व हौंसला अफजाई के लिए जुटे। यहां यह भी बताते चलें कि कई ब्लॉगर्स उनकी इस हज यात्रा का प्रचार कर रहे हैं क्योंकि बताया जा रहा है कि शिहाब ऐसा करने वाले इक्कीसवीं सदी के भारत से पहले यात्री हैं। जिसके चलते शिहाब सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेन्ड कर रहे हैं।
रोज 25 किलोमीटर का सफर तय करेंगे शिहाब
शिहाब सऊदी अरब पहुंचने तक प्रतिदिन कम से कम 25 किलोमीटर का पैदल सफर तय करेंगे, क्योंकि उनके साथ कुछ सामान भी होगा जिसके चलते वो रोज इससे ज्यादा सफर शायद न कर पाएं। बकौल शिहाब अंजान रास्तों का सफर तो हिन्दुस्तान छोड़ने के बाद शुरु होगा जो कि काफी हद तक मुश्किल व जोखिम भरा होगा।
रात मस्जिदों में बिताएंगे
शिहाब के अनुसार वो अपने सफर के दौरान अधिकतर रातें मस्जिदों के अन्दर ही बिताएंगे। उन्होंने अपनी यात्रा शुरु करने से पूर्व ही कहा था कि वो अपने साथ कोई तम्बू नहीं ले जा रहे हैं क्योंकि वो सिर्फ दिन के उजाले में ही चलना पसन्द करेंगे। शिहाब का यह सफर काफी लम्बा होगा जो कि अगले साल फरवरी या मार्च में जाकर पूरा होगा। इस दौरान वो कुल आठ हजार 640 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।

