- कंकरखेड़ा में लांस नायक विवेक देशवाल के शव को श्रद्धांजलि देने उमड़ी भीड़, हाइवे पर लगा जाम, क्षेत्र में शोक की लहर
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: श्रीनगर के रावलपोरा क्षेत्र में गश्त के दौरान लांस नायक विवेक देशवाल (30) आतंकवादियों की गोली के लगने से वीरगति को प्राप्त हो गए। विवेक देशवाल का पार्थिव शव आर्मी की खुली गाड़ी में सोमवार सुबह कंकरखेड़ा हाइवे पर गांव नंगलाताशी के सामने लाया गया। जहां जगह-जगह लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद बागपत सांसद डा. राजकुमार सांगवान, भाजपा के कैंट विधायक अमित अग्रवाल, भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा, चौधरी जयराज सिंह एडवोकेट, पूर्व सभासद ऋषिपाल चौधरी, पूर्व सभासद चौधरी सेंसरपाल, पार्षद पति सतीश प्रजापति, भाजपा कंकरखेड़ा मंडलाध्यक्ष अशोक सबलोक, ओमबीर, प्रवीण चौधरी, मनोज चौधरी, विनय चौधरी, विनय शर्मा, नवाब सिंह लखवाया, सर्वेश उपाध्याय आदि ने शहीद विवेक देशवाल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। कैंट विधायक अमित अग्रवाल और भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा, चौधरी सेंसरपाल, चौधरी जयराज सिंह ने शहीद विवेक देशवाल के पार्थिव शरीर को एंबुलेंस से उतारते हुए कंधा देकर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। साथ ही उन्होंने शहीद के परिजनों को सांत्वना दी। उसके बाद शहीद लांस नायक की शव यात्रा में हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगे। बाद में सभी मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए।
मेरठ-करनाल हाइवे पर गांव जंगेठी के गेट पर जब शहीद लांस नायक विवेक देशवाल का पार्थिव शव पहुंचा तो गांव जंगेठी के वर्तमान प्रधान नीतू प्रधान उर्फ आदित्य चौधरी अपने साथ गांव के सैकड़ों लोगों के पुष्प वर्षा की। गांव जंगेठी के लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे। वहीं, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल राजीव चौहान ने बताया कि शाहजुड्डी गांव निवासी नायक विवेक देशवाल 28 एएडी बटालियन में तैनात थे। सेना की रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) का हिस्सा थे। इस दौरान गोली लगने से विवेक की मौत हुई। शहीद विवेक देशवाल नौ वर्ष पहले सेना में भर्ती हुआ था। इकलौते बेटा अपने परिवार का सहारा थे। नायक की शादी 2016 में धीराहेड़ी निवासी इंदू के साथ हुई थी।
दंपति के दो बच्चे हैं। पांच वर्षीय पुत्र रुद्र और तीन साल की बेटी सांवी है। विवेक 2015 में बरेली सेंटर से सेना में भर्ती हुए थे। मेरठ में तैनाती के बाद पिछले लगभग पांच साल से जम्मू-कश्मीर में नियुक्त किया गया था। किसान संतरपाल देशवाल के इकलौते बेटे नायक विवेक देशवाल की मौत से गम का माहौल है। विवेक ने शनिवार सुबह पिता से फोन पर बातचीत की थी। बेटे ने कहा था कि कल भाई दूज है। बुआ के घर शामली कोथली लेकर जाओगे तो आराम से जाना। इसके बाद दोबारा पिता की बात नहीं हुई। शहीद के चाचा ने जब शव को कंकरखेड़ा पहुंचकर देखा तो वह भतीजे के शव से लिपट कर खूब रोए। वहीं, शहीद विवेक देशवाल के पार्थिव शरीर को दिल्ली आर्मी क्षेत्र से एससी एंबुलेंस से कंकरखेड़ा हाइवे पर लाया गया था।
हाइवे पर लगा लंबा जाम
मेरठ-करनाल हाइवे पर लांस नायक शहीद विवेक देशवाल का शव पहुंचा तो उनके शव के पीछे गाड़ियों का लंबा काफिला था। जिस कारण हाइवे पर दूर तक जाम लग गया। जाम में फंसे लोग भी गाड़ियों से उतरकर शहीद के शव को श्रद्धांजलि दी।

