Monday, April 6, 2026
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खतरनाक: बाजारों में भीड़ की हालत दे रही कोरोना वायरस को न्योता

  • त्योहारी सीजन की खरीदारी को निकलने वाले इन्फेक्शन को लेकर घोर लापरवाही
  • सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार मास्क को लेकर भी लोग गंभीर नहीं, सिस्टम भी हुआ लापरवाह

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: महानगर के बाजारों में त्योहारी खरीदारी के नाम पर उमड़ रही भीड़ और कोरोना इन्फेक्शन प्रिवेंशन को लेकर बरती जा रही लापरवाही वायरस को न्योता देने का खतरा मोल ले रही है। बाजारों में खरीदारी को निकलने वालों को देखकर नहीं लगता कि इन्हें कोरोना संक्रमण का कोई खौफ है।

कुछ बाजारों की हालत तो इतनी ज्यादा खराब है कि वहां सोशल डिस्टेंसिंग के बजाय मेले सरीखा माहौल नजर आता है। लोग बजाय फासला रखने के एक-दूसरे से सटकर चल रहे हैं। मानों सिर्फ आज के लिए ही बाजार खुले हैं। ये स्थिति तो तब है जब संक्रमण को लेकर बार-बार स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की जा रही है।

बाजारों में खरीदारी करने वालों में बड़ी संख्या महिला और बच्चों की होती। आमतौर पर त्योहारी खरीदारी करने महिलाएं ही जाती हैं। ज्यादातर महिलाएं अकेली न आकर अपने आस पड़ोस या फिर किसी सहेली के साथ आती हैं। खरीदारी के लिए आने वाली ज्यादातर महिलाओं के साथ बच्चे भी आ रहे हैं, लेकिन मास्क को लेकर इक्का-दुक्का महिला ही गंभीर नजर आ रही है।

त्योहारी सीजन की यदि खरीदारी की बात की जाए तो भीड़ वाले इलाकों में कैंट का सदर बाजार व मंडी का इलाके की हालत ज्यादा खराब है। दाल मंडी इलाके में खरीदारी करने वालों की हालात ऐसी हैं मानों स्टेशन पर टिकट की विंडो पर खडे हों। दरअसल, ज्यादा भीड़ दाल मंडी की थोक की दुकानों पर नजर आती है।

कोतवाली के बुढ़ानागेट और खंदक बाजार इलाकों में भी कोरोना वायरस को लेकर भीड़ पूरी तरह से लापरवाही नजर आती है। शहर की पुरानी आबादी के खंदक बाजार में खद्दर की थो की मार्केट है। त्योहारी सीजन में यहां बड़ी संख्या में बहार के भी दुकानदार खरीदारी को पहुंच रहे हैं। बाजार में मेले सरीखा माहौल नजर आता है। बुढ़ानागेट के बसंत रेबड़ी भंडार पर तो हालत ऐसी थी मानों मुफ्त में लूट मची हो।

पूरा इलाका भीड़ से लदबद नजर आया। इलाके में आसपास से भारी संख्या में लोग त्योहारी खरीदारी को पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां भी कोरोना वायरस का बड़ा खतरा होते हुए भी लोग का रवैया इन्फेक्शन प्रिवेंशन को लेकर पूरी तरह से लापरवाही भर दिखाई दिया। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सेंट्रल मार्केट की नजर आयी। यहां महिलाओं की भीड़ ज्यादा थी।

आबूलेन, बॉम्बे बाजार और लालकुर्ती

छावनी के आबूलेन, बोम्बे बाजार व लालकर्ती पैंठ एरिया इलाके में खरीदारों की भीड़ देखकर दुकानदारों के चेहरे जरूर खिले हुए थे, लेकिन इस दौरान कहीं भी कोरोना वायरस का खौफ लोगों पर नहीं दिखाई दिया। भीड़ और उसके उत्साह को देखकर ये लगता ही नहीं था कि इनको संक्रमण को कोई डर है। पैंठ एरिया में तो देहात से आने वाली खरीदारों की भीड़ बहुत ज्यादा थी। जबकि बोम्बे बाजार व आबूलेन इलाके में हाइप्रोफाइल परिवारों से आने वाले परिवारों ने मेला सरीखा माहौल बनाया हुआ था।

बार-बार करते हैं आगाह

Ankur
खंदक बाजार के खद्दर कारोबारी व व्यापार संघ के मंत्री अंकुर गोयल बताते हैं कि उनके बाजार में बाहरी खरीदार काफी आ रहे हैं। सभी को कोरोना संक्रमण को लेकर बार-बार आगाह किया जाता है।

लोग समझते नहीं
Ambuj
बुढ़ानागेट स्थित बसंत रेवड़ी के मालिक अंबुज रस्तौगी बताते हैं कि वह खुद और उनके कारीगर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर पूरी तरह से सावधान हैं, लेकिन बाजार में ओन वाले लोग बार-बार कहने के बाद भी नहीं समझते।

संक्रमण से बचाव जरूरी
Sachin Gupta
रामचंद्र सहाय रेवड़ी नई सड़क के स्वामी सचिन गुप्ता का कहना है कि उनके प्रतिष्ठान पर जो भी आता है उनको सैनिटाइज किए जाने का पूरा इंतजाम है। वह अपनी ओर से लोगों को मास्क भी दे रहे हैं, क्योंकि संक्रमण से बचाव जरूरी है।

सामूहिक प्रयास से बचाव संभव
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शारदा रोड चौराहा स्थित झंडे वाला के मालिक सुशील रस्तौगी कहते हैं कि त्योहारी सीजन की खरीदारी तो ठीक है, लेकिन कोरोना संक्रमण से बचाव भी जरूरी है। ये सामुहिक प्रयास से ही संभव है।

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