- हनुमानधाम के रंगमंच पर मथुर के कलाकार दे रहे प्रस्तुति
जनवाणी संवाददाता |
शामली: श्री मंदिर हनुमानधाम के रामलीला रंगमंच पर 53वें महोत्सव के दूसरे दिन रावण जन्म और रावण वेदवंती संवाद की लीलाओं का मंचन किया गया। इस दौरान काफी दर्शक उपस्थित रहे। श्री मंदिर हनुमान टीला हनुमान धाम शामली के रंगमंच पर आयोजित 53वें रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन रावण जन्म तथा रावण-वेदवती संवाद लीला का भव्य रामलीला का मंचन किया गया। रामलीला में रावण कुंभकरण और विभीषण का जन्म होता है। तीनों भाई घोर तपस्या करते हैं। ब्रह्मा से रावण अजर अमर का वरदान मांगता है। ब्रह्माजी कहते हैं मनुष्य को छोड़कर तुम्हें कोई भी जीत नहीं पाएगा। कुंभकरण की बुद्धि को भरमित कर 06 महीने सोने का और 01 दिन जागने का वरदान देते है।
विभीषण भगवान श्री राम की भक्ति मांगते है। अगले दृश्य में दिखाया कि वेदवती जंगलों में घूम रही है भगवान की आराधना कर रही है। रावण उसको देख कर शादी का प्रस्ताव रखता है, लेकिन वह मना करती है। रावण उसका अपमान करता है। वेदवती अपने प्राण त्यागते हुए कहती है कि तेरे काल की सूरत में जन्म लूंगी। इस लीला के मंचन में भगवान शंकर का अभिनय राघव चतुवेर्दी, रावण का अभिनय अखिलेश चतुवेर्दी के द्वारा किया गया तथा वेदवती का अभिनय विजय चतुवेर्दी के द्वारा किया गया। रामलीला का मंचन राम चरित्र मानस के आधार पर किया जा रहा है जो कि हम सबके लिए एक नया अनुभव होगा।
इस अवसर पर रामलीला के सचिव प्रतीक अग्रवाल, रमेश धीमान, शरद द्विवेदी, पुनीत द्विवेदी, संदीप नामदेव, मुकेश मैनेजर, उत्तम नामदेव, लोकेश वाचस्पति, लाल सिंह लचक, निशांत पाठक, सुनील अरोड़ा टम्मी, जोगेंद्र पाल सेठी, अमित प्रजापति, वंश नामदेव आदि उपस्थित रहे।

