- चुनाव से पहले 17 जनवरी को 70 हजार लीटर शराब में प्रयोग होने वाला पकड़ा गया था केमिकल
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: 70 हजार लीटर शराब बनाने के केमिकल बरामगदी के मामले में आखिर पुलिस ने दौराला चीनी मिल के जीएम को वांटेड घोषित कर दिया हैं। अब उसके खिलाफ इनाम घोषित करने की तैयारी चल रही हैं। इस मामले में जीएम समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हैं।
अब देखना यह है कि चीनी मिल के जीएम की पुलिस गिरफ्तारी करती है या फिर जिस तरह से अब तक इस मामले को पेडिंग डाला गया, क्या वैसे ही पुलिस लचीला व्यवहार दिखाती रहेगी या फिर कानून का शिकंजा कसा जाएगा? क्योंकि शुगर मिल का मामला होने के कारण पुलिस का रुख थोड़ा नरम ही दिखाई दे रहा हैं। ऐसा तब है जब केमिकल की बरामदगी तक हो चुकी हैं, फिर भी इसमें कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही हैं। हालांकि पुलिस ने आठ लोगों को इसमें आरोपी बनाया है।
कंकरखेड़ा पुलिस और सर्विलांस टीम के संयुक्त अभियान में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने नेशनल हाइवे से 70 हजार लीटर शराब बनाने वाला केमिकल पकड़ा था, जिसमें विश्वास निवासी बागपत, करनैल निवासी बिजनौर, आलोक निवासी दौराला, समयदीन निवासी सरधना को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में एसआईटी की टीम गठित हुई थी। जिसमें एडीजी, मेरठ के कप्तान और एसपी क्राइम रहे। इस मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी दौराला आशीष शर्मा टीम के साथ कर रहे हैं।
कंकरखेड़ा पुलिस ने बताया कि मौके पर पकड़े गए चार आरोपियों के अलावा सोनू सैनी और कुलदीप निवासी दौराला, कपिल वोहरा निवासी दिल्ली और दौराला शुगर मिल के जीएम दिलीप सिंह यादव भी इस घटना में शामिल थे। यह पुलिस जांच में सामने आया है। इस मामले में पुलिस द्वारा धारा 379, 411, 420, 467, 468, 471, 120 बी आईपीसी की धारा और 60/72 आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई है। इंस्पेक्टर सुबोध सक्सेना का कहना है कि दौराला शुगर मिल के जीएम दिलीप सिंह यादव जांच में दोषी पाए गए हैं। फिलहाल उन्हें वांछित घोषित है।
जीएम दिलीप यादव की निगरानी के अंतर्गत आता है कार्य
जीएम दिलीप सिंह यादव दौराला शुगर मिल के इस विभाग में आश्वक है। कंकरखेड़ा पुलिस ने बताया कि आश्वक का कार्य पैकिंग, कंस्ट्रक्शन, लोडिंग, अनलोडिंग, टैंकर को बाहर भेजना और अंदर प्रवेश कराना। यह काम आश्वक का ही होता है। बगैर आश्वक की मर्जी के वहां इस तरह का कोई कार्य नहीं हो सकता।
दूसरी बार पकड़ा गया है कपिल वोहरा का टैंकर
पुलिस ने बताया की इस घटना में शामिल टैंकर यूपी-17एटी 8480 कपिल वोहरा का है। यह टैंकर अब कंकरखेड़ा और सर्विलांस टीम ने पकड़ा है, जबकि 2021 में भी यह टैंकर इसी तरह की घटना में गैर जनपद में पकड़ा गया था, लेकिन पुलिस द्वारा जब्तीकरण की कार्रवाई नहीं हो सकी थी, जिसे रिलीज कर दिया गया था। जांच में सामने आया है कि उस समय धारा 420 आईपीसी की धारा 63, 62 और 60 के तहत कार्रवाई हुई थी।

