Friday, March 13, 2026
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हाइवे पर मौत के कट, नहीं रुक रहे सड़क हादसे

  • एनएचएआई बेबस, हादसों को रोकने के लिए बजाए कठोर कदम उठाने के लाचारी जता रहे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एनएच-58 पर हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एनएचएआई की यदि बात करें तो अफसर इन हादसों को रोकने के लिए बजाए कठोर कदम उठाने के लाचारी जता रहे हैं। एनएचएआई के प्रोजेक्ट हेड पंड़ित राजकुमार का कहना है कि उनकी ओर से तमाम प्रयास किए जा रहें। जहां तक कट की बात है तो होना तो यह चाहिए कि लोग फ्लाई ओवर के नीचे से होकर या फिर यूटर्न लेकर आएं। इसके अलावा पैदल चलने वालों के लिए फुटओवर ब्रिज भी बनवा दिए गए हैं। जहां शिकायत मिलती है वहां डिवाइडर ऊंचा भी किया है। टीन के अवरोध लगाए गए हैं, लेकिन लोग बाज नहीं आते। इसकी वजह से हादसे होते हैं।

परतापुर बाइपास से लेकर रामपुरम तिराहा (मुजफ्फरनगर) तक करीब 72 किमी लंबा एनएच-58 एक्सीडेंटेटल जोन बनता जा रहा है है। हाइवे पर दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसके लिए सबसे ज्यादा एनएचएआई और टोल कंपनी जिम्मेदार हैं। ये यहां पर टोल के रूप में अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। वहीं, हाइवे पर जगह-जगह खुले कट दुर्घटनाओं को बढ़ा रहे हैं। इनसे निकलने वाले वाहन हाइवे पर तेजी से गुजरते वाहनों से दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। यही कारण है कि हाईवे सुरक्षित नहीं है। ये कट ग्रामीणों, बिल्डरों और व्यापारियों ने खोल रखे हैं। इसका खामियाजा हाइवे पर चलने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। इसके बावजूद एनएचएआई और टोल कंपनी के अधिकारियों को ये कट नहीं दिखाई दे रहे हैं।

गैर कानूनी हैं नहीं खुलने चाहिए कट

एनएचएआई और टोल कंपनी के नियमानुसार हाइवे पर अवैध कट खुलना अपराध की श्रेणी में आता है। यहां कट खोलने वालों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। हाइवे पर कई जगह कट खुले हैं। जिस कारण हादसे बढ़ रहे हैं। इन हादसों को रोकने के लिए स्थानीय लोगों को भी जागरूक होना चाहिए।

हालात बेहद नाजुक

हवा से बात करते वाहनों से दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसके बावजूद एनएचएआई और टोल कंपनी को हाइवे पर मौत के कट नहीं दिखाई देते हैं। पांच साल में हुए हादसों में हुई मौतों से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। एक अनुमान के मुताबिक बीते पांच साल में 500 मौतें हो चुकी हैं घायलों की संख्या बहुत ज्यादा है।

हाइवे पर मौत के कट

  • कंकरखेड़ा खिर्वा चौराहा
  • सिवाया गांव
  • सिवाया गांव भराला के सामने
  • नावला की कोठी मंसूरपुर
  • बेगराजपुर मंसूरपुर
  • पचेंडा मुजफ्फरनगर
  • रामपुर तिराहा के निकट मुजफ्फरनगर
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