जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर के लाखों लोगों के लिए खुशखबरी है। रेलवे रोड लिंक मार्ग का रास्ता खुलने की फाइल को कमिश्नर ने अपना अप्रूवल दे दिया है। रास्ते में अड़चन पैदा कर रहे प्लाट मालिक के मुआवजे की राशि को मेडा ने परिचालन बोर्ड में रखकर मेंबरों के साइन करा लिए है। मेडा अब प्लाट मालिक के नाम चेक बनाने के लिए क्रय समिति के सामने प्रस्ताव रखेगा। क्रय समिति की मुहर लगते ही मेडा नए सर्किल रेट से मुआवजे का चेक बना देगा। पहले चरण में प्लाट से आठ मीटर का रास्ता खोला जाएगा। जिससे वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।
रेलवे रोड लिंक रोड का निर्माण पूरा होने का शहर की लाखों की तादाद में जनता बेसब्री से इंतजार कर रही है। 825 मीटर लंबा यह रास्ता शहर की लाइफ लाइन का काम करेगा। यहां सात से 10 मीटर तक चौड़ी काली सड़क तैयार की गई है।
रेलवे रोड पर मंदिर के सामने से मार्ग शुरू हो रहा है, जो जैन नगर और दशमेश नगर के मकानों के पीछे के दरवाजों को बंद करने के लिए लगभग तीन फीट ऊंची दीवार का निर्माण किया गया है। दूसरी ओर सेना की कॉलोनी है। लिहाजा इस ओर 12 फीट ऊंची दीवार बनाई गई है। जिसके ऊपर तार भी लगाए गए है। ऐसे में कैंट जाने के लिए मेट्रो प्लाजा-डीएन कॉलेज चौराहे का चक्कर काटकर नहीं जाना पड़ेगा। 11.5 मीटर चौड़े और 900 मीटर लंबे इस मार्ग के बनने से लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। लिंक रोड के लिए बाधा बना आशीर्वाद अस्पताल के लिए मुआवजा बोर्ड बैठक में भी तय हो गया है। अस्पताल संचालक ने पुराने सर्किल रेट से मुआवजा लेने से इंकार कर दिया।
सड़क का होना है निर्माण
बागपत रोड को जोड़ने वाले रेलवे रोड लिंक रोड के लिए प्लाट से निकाले गए आठ मीटर रास्ते तक सड़क का निर्माण होना है। सड़क के निर्माण में एक से दो दिन लगेंगे। इसके बाद अन्य औपचारिकता पूरी करके इसका उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद रास्ते को खोल दिया जाएगा।
88 हजार रुपये गज के हिसाब से मिलेगा मुआवजा
रेलवे रोड मार्केट का नए सर्किल रेट 88 हजार रुपये प्रति गज है। नियम के मुताबिक उन्हें 88 हजार के डबल सर्किल रेट के हिसाब से करीब पौने दो करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा। शासनादेश के अनुसार मेडा प्लाट मालिक को चेक सौंपेगा। इसके बाद मेडा अपने नाम प्लाट की रजिस्ट्री कराएगा।
अस्पताल संचालक को भी मिलेगा नए सर्किल रेट से मुआवजा
मेडा के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल संचालक के मालिक डॉ. प्रदीप बंसल को भी नए रेट के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। उन्होंने कहा कि शासनादेश है कि अगर बोर्ड बैठक में पुराने रेट पर मुआवजे का प्रस्ताव पास हो गया हो, लेकिन जमीन की खरीद न हुई हो तो नए सर्किल रेट से मुआवजा दिया जाए। इसी शासनादेश के अनुसार अब आशीर्वाद संचालक को भी नए रेट से करीब एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा।
जांच समिति ने किया यह प्लान तैयार
जांच समिति ने रेलवे रोड लिंक मार्ग खोलने के लिए प्लान तैयार किया। रास्ता दो चरणों में तैयार होगा। पहले चरण में प्लाट से 8 मीटर का रास्ता निकाला जाएगा। लिंक रोड को चालू कर दिया जाएगा। जिससे वहां से लोगों का आना जाना शुरू हो जाएगा। दूसरे चरण में अस्पताल संचालक 6.7 मीटर का हिस्सा स्वंय क्षतिग्रस्त करेगा। इसके बाद सात मीटर का रास्ता मिल जाएगा। इसके बाद वहां से बड़े वाहन भी निकलना शुरू होंगे।
परिचालन बोर्ड बैठक में मिली प्लाट मालिक को नए सर्किल रेट से मुआवजे के लिए हरी झंडी
मेडा ने रास्ते को जल्द से जल्द खोलने के लिए प्लाट मालिक के लिए मुआवजे की फाइल को एक हफ्ते पहले ही परिचालन बोर्ड बैठक में रखा। मुआवजे की फाइल पर सभी मेंबरों के साइन कराए गए। बुधवार को मेडा के अफसरों ने कमिश्नर ऋषिकेष भास्कर यशोद से परिचालन बोर्ड समिति की फाइल पर साइन कराकर अप्रूवल प्राप्त कर लिया। अब फाइल को चेक बनाने के लिए क्रय समिति के सामने प्रस्ताव रखा जाएगा। क्रय समिति के अध्यक्ष डीएम डा. वीके सिंह समेत कई अधिकारी है। उनकी मुहर लगते ही मेडा प्लाट मालिक के नाम चैक बना देगा।
शासनादेश के अनुसार बनेगा चेक
मेडा के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा का कहना है कि शासनादेश के अनुसार प्लाट मालिक को नए सर्किल रेट से दुगना मुआवजे का चैक दिया जाएगा। मेडा अपने नाम प्लाट की रजिस्ट्री कराएगा। इसके साथ रास्ते को खोल दिया जाएगा। आशीर्वाद अस्पताल संचालक डा. प्रदीप बंसल का कहना है कि मुआवजे की बात तय हो गई है। पहले चरण में प्लाट से 8 मीटर का रास्ता खुलेगा। इसके बाद उन्हें भी नए सर्किल रेट से मुआवजा दिया जाएगा। वह भी अपना निर्माण क्षतिग्रस्त कर देंगे।

