- कोई अफसर स्टॉक सत्यापन को नहीं तैयार
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर खाद्यान्न पूरा नहीं होने के चलते निर्धारित समय पर वितरण नहीं हो पा रहा है।गोदाम से दुकानों तक पहुंचने से पूर्व खाद्यान्न बंदरबांट होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक आपूर्ति विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते खाद्यान्न गोदाम से दुकानों पर पहुंचने से पहले ही गायब हो रहा है। बताया जा रहा है कि कस्बे में स्थित राशन की दुकानों पर खाद्यान्न का स्टॉक पूरा नहीं है। जिसके चलते प्रत्येक माह 5 तारीख से होने वाला वितरण इस बार शुक्रवार को शुरू नहीं किया जा सका।
हालांकि रिकार्ड में वितरण दर्शाने के लिए कुछ उपभोक्ताओं के अंगूठे ई पोस मशीन में अवश्य लगवाए गए हैं। उन्हें फिलहाल खाद्यान्न वितरित नहीं किया गया है।सूत्र बताते हैं कि प्रत्येक माह भंडार पर मंडराने वाले मुनाफाखोर आपूर्ति विभाग की मिलीभगत से कोटेदारों का खाद्यान्न खरीद कर गरीबों के निवाले पर डाका डाल रहे हैं। जिसके चलते कोटेदारों की दुकानों पर पर्याप्त खाद्यान्न नहीं पहुंच पा रहा है।
इस बार भी कोटेदारों की दुकानों में मुकम्मल तौर पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं है। मिलीभगत के चलते गोदाम से ही कालाबाजारी का खेल खेल हो रहा है। खास बात यह है कि विभागीय भ्रष्टाचार के चलते कोई अफसर दुकानों पर स्टॉक की जांच करने की जहमत नहीं उठता। मासिक सुविधा शुल्क के एवज में आपूर्ति विभाग ने कोटेदारों को धांधली की छूट दे रखी है।
खाद्यान्न बंदरबांट होने के चलते गरीब उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ता है। आपूर्ति इंस्पेक्टर अजय सभी दुकानों पर खाद्यान्न के उठान का दावा कर रहे हैं लेकिन सच्चाई है यह है कि दुकानों पर खाद्यान्न का स्टॉक कम होने के चलते शुक्रवार को खाद्यान्न का वितरण शुरू नहीं हुआ है। कालाबाजारी का खामियाजा उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है। उपभोक्ता दुकाने बंद देखकर बैरंग लौट रहे हैं।

