जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणियों में दर्ज किया गया है।
#WATCH | Delhi | Water sprinklers deployed at the India Gate to maintain the pollution levels
— ANI (@ANI) October 19, 2025
The Air Quality Index (AQI) around India Gate was recorded at 269, in the 'Poor' category, in Delhi this morning as per the Central Pollution Control Board (CPCB). pic.twitter.com/1r5Bup65Dc
किन इलाकों में कितनी प्रदूषित है हवा?
CPCB के मुताबिक कुछ प्रमुख इलाकों में एक्यूआई स्थिति इस प्रकार है:
आनंद विहार: AQI 430 (गंभीर)
अक्षरधाम: AQI 426 (गंभीर)
अशोक विहार: AQI 306 (बहुत खराब)
बवाना: AQI 309 (बहुत खराब)
जहांगीरपुरी: AQI 318 (बहुत खराब)
द्वारका सेक्टर 8: AQI 341 (बहुत खराब)
चांदनी चौक: AQI 291 (खराब)
IGI एयरपोर्ट: AQI 288 (खराब)
बारापुला फ्लाईओवर: AQI 290 (खराब)
ITO: AQI 284 (खराब)
इंडिया गेट क्षेत्र: AQI 269 (खराब)

प्रशासन का एक्शन प्लान?
प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली प्रशासन ने कुछ तात्कालिक कदम उठाए हैं:
कई इलाकों में मिस्ट स्प्रिंकलर (पानी के छिड़काव यंत्र) लगाए गए हैं ताकि धूलकण और प्रदूषक तत्व नीचे बैठ सकें।
इंडिया गेट, आईटीओ और व्यस्त क्षेत्रों में नियमित छिड़काव किया जा रहा है।
निर्माण कार्यों पर निगरानी, सड़क की सफाई और वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण के प्रयास जारी हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह?
“दिल्ली की वायु गुणवत्ता विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए बेहद हानिकारक हो सकती है। ऐसे लोगों को घर के अंदर रहने और मास्क पहनने की सलाह दी जाती है।”
सुबह की सैर और बाहरी गतिविधियों से बचें
N95 मास्क का उपयोग करें
घरों में एयर प्यूरीफायर या ह्यूमिडिफायर चलाएं
भरपूर पानी पीएं और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखें
प्रदूषण के पीछे कारण क्या हैं?
पराली जलने से आने वाला धुआं (पंजाब, हरियाणा से)
वाहनों का धुआं और ट्रैफिक का दबाव
निर्माण गतिविधियां और खुली धूल
ठंड के साथ हवा की गति में गिरावट, जिससे प्रदूषक नीचे जम जाते हैं।

