- कांप्लेक्स में बनी दुकानदारों की इंजीनियरों ने बनाई सूची, व्यापारियों में मची है खलबली
- दहशत में हैं व्यापारी ऊर्जा राज्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर नया कानून बनवाने की मांग की
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंड पर अवैध बने तीन मंजिले कांप्लेक्स का अप्रैल के पहले हफ्ते में ध्वस्तीकरण होगा। आवास विकास इंजीनियरों ने तीन मंजिला कांप्लेक्स को ढहाने की रणनीति तैयार की। इससे साथ ही बुधवार को कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों से अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। आवास विकास इंजीनियरों का कहना है कि सोमवार से सभी अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद तीन महीने में उन्हें अपनी दुकानें खाली करनी है।
इसके बाद दो हफ्ते में आवासीय भूखंड पर बना तीन मंजिला कांप्लेक्स को ध्वस्त कर दिया जाएगा। मंगलवार को शास्त्री नगर सेक्टर छह स्थित आवासीय भूखंड संख्या 661 में तीन मंजिला कांप्लेक्स को सुप्रीम कोर्ट ने ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए है। इस कांप्लेक्स में 22 दुकानें बनी हुई है। इसके कई ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम भी बने हुए हैं। भूखंड के मालिक किशोर वाधवा ने अधिकतर दुकानें बेच दी है। इसमें किराए पर भी कई लोगों ने दुकानें ले रखी है। ध्वस्तीकरण के आदेश आते ही व्यापारियों के चहरे पर दशहत छाई हुई है।
बुधवार को भी आवास विकास इंजीनियरों की टीम ने अवैध कांप्लेक्स का निरीक्षण किया। इसके बाद उनमें किराए की दुकान करने वालों की सूची तैयार की। इंजीनियरों का कहना है कि सोमवार से अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस दिए जाएगें। तीन महीने के भीतर उन्हें कांप्लेक्स खाली करना पड़ेगा। कांप्लेक्स खाली होते ही दो हफ्ते में इसे ढहा दिया जाएगा। अगले साल अप्रैल के पहले हफ्ते में इसे ढहा दिया जाएगा।
आवासीय कम व व्यावसायिक रेट ज्यादा है भूखंडों के
आवास विकास परिषद में अगर किसी को रहने के लिए मकान व प्लाट खरीदना है तो उसे आवासीय क्षेत्र में भूखंड या मकान मिलेगा। उसके रेट कम होंगे। जबकि किसी को दुकान व शोरूम खोलने के लिए जमीन खरीदनी है तो उसके कामर्शियल रेट पर मिलेगा। उसके रेट आवासीय रेट से दोगुना होंगे। लोग महंगे रेट के प्लाट न लेकर आवासीय प्लाट खरीदकर उसे ही कामर्शियल कर लेते हैं। उसमें ही व्यापार करना शुरू कर देते हैं।
व्यापार बचाओ समिति के अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत है, लेकिन अधिवक्ताओं से विधिक राय ली जा रही है। इसके साथ मुख्यमंत्री को भी मामले से अवगत करा दिया गया है। तीन महीने का समय है। इस बीच हल ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, सेंट्रल मार्केट के पूर्व अध्यक्ष किशोर वाधवा का कहना है कि मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर को दिया गया है। जिसमें मांग की है कि नया कानून बनाकर अवैध निर्माण को बचाया जाए।
दुकानों को किया खाली
आदेश आते ही कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली करना शुरू कर दिया है। इसके साथ कई दुकानदार अपनी दुकान दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए शोरूम व दुकानों की तलाश कर रहे हैं। गुरुवार को दिन भर सेंट्रल मार्केट में तीन मंजिला कांप्लेक्स के ढहाने की चर्चा चलती रही।
आवासीय भूखंडों पर बने हैं अवैध कांप्लेक्स व शोरूम
शास्त्री नगर सेक्टर-6 सेंट्रल मार्केट, सेक्टर-2, सेक्टर-3, सेक्टर-4, सेक्टर-5 में कई आवासीय भूखंडों पर कांप्लेक्स व शोरूम बने हुए है। इसके साथ मकानों के सामने शटर डालकर दुकानें खोल रखी है। आवास विकास इंजीनियरों ने सभी की सूची तैयार कर ली है। इंजीनियरों का कहना है कि आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक कांप्लेक्स का ध्वस्तीकरण किया जाएगा। इसके साथ सभी की फोटो व वीडियोग्राफी भी कराई गई है। सभी को चिंहित कर लिया गया है।
सेंट्रल मार्केट प्रकरण में डिप्टी सीएम से मिले शारदा
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट की समस्या को लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से उनके लखनऊ कालिदास मार्ग पर उनके निवास पर जाकर मिले। उन्हें व्यापारियों की परेशानी और समस्या को विस्तार से बताया और सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों द्वारा दिया गया मांग पत्र सौंपा। शारदा ने बताया कि डिप्टी सीएम ने विश्वास दिलाया कि जो भी संभव मद्द होगी की जाएगी। विनीत शारदा औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी गुप्ता से भी मिले और सेंट्रल मार्केट की समस्या के विषय में बताया। शारद ने कहा कि सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के लिए वह कुछ भी करेंगे।

