- भाजपा नेता अनिल चौहान ने अधिकारियों को दी जानकारी
- कैराना तहसील से राजस्व विभाग की टीम ने की पट्टे की पैमाइश
- छह बीघा की बजाय 80 बीघा में किया जा रहा था अवैध खनन
जनवाणी संवाददाता |
कैराना/ झिंझाना: कैराना तहसील क्षेत्र के गांव बल्हेडा व पठेड में पिछले दिनों प्रशासन द्वारा किसान के खेत की सफाई कराने के नाम पर गांव भूरा निवासी महिला सरोज को परमिशन दी गई थी। परमिशन में एनजीटी की गाइडलाइन के मुताबिक फावड़े से रेत उठा जाना था, लेकिन खनन ठेकेदारों द्वारा आवंटित पट्टे की आड़ में पोर्कलेन जेसीबी मशीनों से अवैध रेत खनन किया जा रहा था।
सोमवार को अवैध रेत खनन के खिलाफ गांव बल्हेड़ा व पठेड के सैकड़ों किसान खनन प्वाइंट पर पहुंचे तथा हंगामा-प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। सूचना पर भाजपा नेता अनिल चौहान मौके पर पहुंचें। उन्होंने आला अधिकारियों को अवैध रेत खनन होने की जानकारी दी। जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम कानूनगो सोहनपाल व लेखपाल फुरकान घटनास्थल पर पहुंचे तथा प्रशासन द्वारा छोड़े गए पट्टे की पैमाइश की।
जिस मौके पर साढेÞ 6 बीघा भूमि की बजाय 80 बीघा भूमि पर अवैध रेत खनन होता मिला। वहीं मौके पर दो पोर्कलेन मशीन, तीन ट्रक व पांच डंफर खड़े मिले। तीन ट्रकों में ओवरलोड रूप से रेत भरा मिला। अवैध रेत खनन के खिलाफ किसानों के धरने पर बैठने के बाद खनन माफिया मौके से अपनी मशीन व डंफर तथा ट्रकों को छोड़कर फरार हो गए। सूचना पर झिंझाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
शाम तक अवैध रेत खनन पइंट पर खड़े वाहनों को थाना झिंझाना में ले जाने के लिए पुलिस जुटी रही। लेखपाल सोहनपाल ने बताया कि अवैध रेत खनन की रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम कैराना को भेजी जाएगी। वहीं जब इस मामले में एसडीएम संदीप कुमार का पक्ष जानना चाहा तो एसडीम ने फोन कॉल रिसीव नहीं की।
दूसरी ओर, धरनारत किसानों की मांग है कि उनके गांव के पास अवैध रेत खनन का पट्टा न छोड़ा जाए और किसी भी सूरत में वें अवैध रेत खनन नहीं होने देंगे।
इस दौरान किसान राजकुमार चौहान, राकेश, राजेश, रिषी, सत्यम हुक्म प्राान, विक्रम प्राान, सुनित प्राान बल्हेडा, महावीर पठेड, बलजीत चौकीदार, अमित चौहान आदि मौजूद रहें।

एमएलसी-आयुक्त से किसान कर चुके शिकायत
गांव बल्हेडा व पठेड के किसान जिसमें ग्राम प्रधान स्वाति चौहान, राजकुमार, अमित, बलजीत, मांगा, गय्यूर, इरफान, साजिद, बासा आदि पूर्व में भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के अलावा भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी, जिलाधिकारी और मंडलायुक्त सहारनपुर से पूर्व में अवैध रेत खनन की शिकायत कर चुके हैं। एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने भी जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अवैध रेत खनन बंद किए जाने के लिए कहा था। इसके किसानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में एडीएम संतोष कुमार सिंह को शिकायती पत्र सौंपते हुए अवैध रेत खनन की शिकायत की थी, लेकिन किसानों का आरोप है कि अवैध रेत खनन पर अंकुश नहीं लगाया गया।
अवैध रेत खनन की वीडियो भी की थी वायरल
करीब 10 दिन पहले किसानों ने इसी अवौ रेत खनन की दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर अवैध रेत खनन बंद कराने की मांग की थी। उस दौरान खनन इंस्पेक्टर व एसडीएम संदीप कुमार द्वारा वायरल वीडियो की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी। जिसमें बताया गया था कि वायरल वीडियो गांव बल्हेडा व पठेड खनन प्वाइंट की नहीं है। वीडियो अन्य स्थान की बताई गई थी। जबकि किसानों का दावा हैं कि जो मशीन भी अवैध रेत खनन पइंट पर पकड़ी गई है वीडियो में वो ही मशीन है और दोनों वीडियो इसी खनन पइंट की थी। लेकिन उच्चाािकारियों को गुमराह कर गलत रिपोर्ट भेजी गई थी।
अवैध रेत खनन से दोनों गांवों को खतरा
गांव बल्हेड़ा व पठेड गांव के किनारे स्थित यमुना में अवैध रेत खनन होने से किसानों ने बरसात के दिनों में दोनों गांवों में पानी घुसने व अन्य किसानों की जमीनों में कटान होने की आशंका जताई है। किसानों का कहना है कि कुछ खनन माफिया किसान के नाम पट्टा आवंटित कराकर दिन रात अवैध रेत खनन कर रहे हैं।
उच्चधिकारियों से की जाएगी शिकायत: अनिल
किसानों के धरने पर बैठने के बाद किसानों की सूचना पर मौके पर पहुंचे वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल चौहान ने कहा कि योगी सरकार में अवैध रेत खनन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके द्वारा एसडीएम व खनन इंस्पेक्टर को कई बार इसी अवैध रेत खनन पर कार्यवाही करने के लिए कहा गया था। लेकिन दोनों अािकारी गुमराह कर गलत रिपोर्ट भेजते रहे। भाजपा नेता ने कहा कि दोनों अधिकारियों की शिकायत उच्चाािकारियों से की जाएगी।
खनन पर पकड़े वाहनों के ड्राइवर चाबी लेकर फरार
करीब 11 बजे किसान अवैध रेत खनन प्वाइंट पर पहुंचे। उसके बाद हंगामा-प्रदर्शन करने के बाद धरने पर बैठ गए। इसी दौरान खनन प्वाइंट पर खड़े वाहनों के ड्राइवर भी खनन माफियाओं के साथ वाहनों की चाबी लेकर मौके से फरार हो गए। शाम करीब 4 बजे तक भी खनन प्वाइंट पर पकड़े गए सभी वाहन खड़े रहें। झिंझाना थाने के दो दरोगा व अन्य पुलिसकर्मी भी वाहनों को थाने में ले जाने के लिए प्रयास करते रहें।
सफेदपोश की शह पर अवैध खनन
यमुना नदी में हो रहे अवैध रेत खनन की बार-बार बल्हैडा तथा पठेड़ के ग्रामीणों द्वारा शिकायत के बाद भी आखिर रेत खनन कर रहे ठेकेदारों कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है। दरअसल, जैसा कि सूत्रों का दावा है कि बल्हेडा में अवैध रेत खनन में सफेदपोश नेताओं का हाथ है जिसके चलते अवैध रेत खनन पर शासन प्रशासन का चाबुक नहीं चल रहा है। क्योंकि जिस भूमि से प्रशासन द्वारा रेत खनन की अनुमति ली जाती है। उससे अलग भूमि पर अवैध तरीके से रेत खनन होता है। जिसमें बड़े खनन माफिया व सफेदपोश नेता इस कार्य को अंजाम देते हैं। इसके चलते प्रशासन को राजस्व का फटका लगाकर स्वयं चांदी काटते हैं।

