Wednesday, March 11, 2026
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होमगार्डस जवानों को अब विभाग ही देगा वेतन

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: यूपी में 33 हजार होमगार्डों को अब वेतन का इंतजार नही करना होगा। दरअसल अभी तक इनका वेतन गृह विभाग से मिलती थी। लेकिन अब उनका वेतन होमगार्ड विभाग ही जारी करेगा। कारागार एवं होमगार्ड राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति ने बताया कि 25 हजार होमगार्ड थानों में ड्यूटी कर रहे हैं। 8 हज़ार होमगार्ड डायल 112 के रिस्पॉन्स व्हीकल्स पर तैनात हैं। इनके लिए बड़ा फैसला लिया है। इनका वेतन अभी तक गृह विभाग से जारी होता था। इसकी वजह से उन्हें सैलरी मिलने में हर महीने देरी होती थी। उन्होंने बताया कि होमगार्ड विभाग को वेतन का बजट दिया जा रहा है। इससे अब समय से उन्हें वेतन मिलेगा।

मंत्री ने बताया की होमगार्ड्स अभी तक कानून व्यवस्था की ड्यूटी तक सीमित हैं। जबकि इन्हें आपदा प्रबंधन का भी प्रशिक्षण दिया गया है। योजना बन रही है कि होमगार्डो की भागीदारी पुलिस के साथ अन्य फोर्स में भी बढ़े। एसडीआरएफ और स्पेशल फोर्सेज के साथ भी इनको लगाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड जवानों के लिए ड्यूटी की समस्या का भी हल हो जायेगा। होमगार्ड जवानों को गृह विभाग से ड्यूटी के भुगतान में विलम्ब होता था। जिसके कारण उन्हें अपने जीविकोपार्जन में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था परन्तु अब उनको समय से ड्यूटी भत्ते का भुगतान हो सकेगा। इससे उनको भागदौड़ नहीं करनी पडेगी। उनको समय से भुगतान प्राप्त होगा।

धर्मवीर प्रजापति ने बताया कि एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत आजीवन कारावास से निरुद्ध कैदियों से संबंधित नियमावली में परिवर्तन किया गया है। पहले आजीवन कारावास के तहत 16 या 20 साल की सजा पूरी कर लेने के बाद भी कैदियों को 60 वर्ष की आयु सीमा तक जेल में रहना पड़ता था। परन्तु अब इसमें बदलाव करते हुए 60 साल की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब कोई भी कैदी अपनी 16 से 20 साल की सजा पूरी करने के बाद जेल से रिहा हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इससे कैदियों की मनोदशा में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि कैदी शिक्षित एवं रोजगार के अवसर पा सके इसके लिए कारागार विभाग महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। उन्होने बताया कि कारागार एमएसएमई विभाग से वार्ता करके उनके रोजगार सृजन के सम्भावनाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रहा है।

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