- जागृति विहार से लेकर हापुड़ तक खंगाले गए कैमरे, किसी भी कैमरे में बाइकों के नंबर नहीं दिख रहे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भागमल ज्वैलर्स के मालिक से 10 लाख की नकदी और पांच किलो चांदी लूटने वाले बदमाशों को पकड़ने के लिये पुलिस सड़कों पर धूल फांक रही है। बदमाशों को पकड़ने के लिये जागृति विहार से लेकर हापुड़ तक सीसीटीवी कैमरे खंगालने के लिये एक दर्जन थानेदार लगाए गए हैं।
पुलिस की परेशानी इस बात की है कि किसी भी कैमरे में बदमाशों की बाइकों के नंबर नहीं आ रहे हैं। एसएसपी अजय साहनी ने सर्राफ अमन जैन लूट व हत्याकांड के मामले में एक दर्जन थानेदारों को लगा दिया है। शुक्रवार को सदर एसओ विजय गुप्ता ने अपनी टीम के साथ हापुड़ रोड के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और बाइकों के नंबर जानने की कोशिश की, लेकिन पुलिस को जो फुटेज मिल रहे हैं वो नंबर प्लेट तक नहीं पहुंचा रहे हैं।
सुबह एसओ नौचंदी आशुतोष गौतम ने जागृति विहार के तमाम सीसीटीवी कैमरों को खंगाला लेकिन कई कैमरों में बदमाश तो दिख रहे हैं, लेकिन उनके चेहरे साफ नहीं आ रहे हैं। पुलिस को कुछ फुटेज ऐसे भी मिले हैं। जिसमें दो बदमाशों के चेहरों पर नकाब नहीं दिख रहा है, लेकिन उन फुटेज में चेहरे साफ नहीं दिख रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हत्याकांड का पूरा दारोमदार सीसीटीवी कैमरों पर टिका हुआ है।
वारदात के समय दो बदमाश बिना नकाब के
पीड़ित सर्राफ सतीश चन्द्र जैन ने पुलिस को बताया कि उनकी दुकान में 90 प्रतिशत महिला ग्राहक हैं और जब दुकान में चार युवकों को देखा तो एकबारगी माथा ठनक गया।
बदमाशों में से दो लोग नकाब नहीं लगाए हुए थे, जबकि दो लोग हेलमेट में थे। बिना नकाब वाले बदमाश से ही अमन का झगड़ा हुआ था।
पुलिस इसी सवाल का जबाव तलाश रही है कि क्या बिना नकाब वाले बदमाशों को अमन या उसके घर वाले जानते थे। दिन भर पुलिस इसी सवाल के जबाव में उलझती रही, लेकिन सर्राफ की तरफ से कोई संतोषजनक जबाव नहीं मिला।
कुछ सवाल जो अछूते हैं
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह आ रही है कि बदमाशों के कौन से गैंग ने इस वारदात को अंजाम दिया है। अभी तक की जो जानकारी पुलिस के पास है उसके अनुसार बदमाश कांशीराम कालोनी तक जाते देखे गए है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या बदमाश ग्रामीण परिवेश के हैं या फिर मेरठ के बाहर के हैं। दूसरे संप्रदाय के बदमाशों को जागृति विहार में आकर लूटपाट करना संभव नहीं मान रही है पुलिस।
क्या दो बदमाश रेकी कर रहे थे
जिस तरह से चार बदमाश सर्राफ की दुकान में घुसे और लूटपाट की और हत्या करके चले गए। यह अकेले इन चार बदमाशों का काम नहीं माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि दो बदमाश बाहर रेकी कर रहे होंगे ताकि कोई गड़बड़ी होने पर सूचित किया जा सके। ये भी माना जा रहा है कि हो सकता है, बदमाश कुछ दिन से रेकी न कर रहे हों। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि बदमाशों को पकड़ने के लिये कई टीमें लगाई गई है और तमाम लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
हत्याकांड को लेकर व्यापार संघ में आगे निकलने की होड़
कारोबारी अमन जैन के हत्या कांड के विरोध में मेरठ बंद को लेकर बजाए एकजुट होने के तमाम व्यापारी नेता एक-दूसरे की टांग खींचने में लगे हैं।
राजनीतिक घमासान में एक-दूसरे भिडेÞ कई व्यापारी नेता धुर विरोधियों से पुराना हिसाब चुकता करने में लगे हैं। जबकि कुछ की निष्ठा रातों रात बदल गयी है। गुरुवार को नवीन गुप्ता ने शनिवार तक हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर रविवार को मेरठ बंद की काल दे दी। इसके समर्थन में सदर व्यापार मंडल और शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष भी उतर आए।
रविवार को बाजार बंद कराने का ऐलान कर दिया, लेकिन एक खेमा विरोध में उतर आया। इस विरोध की वजह से भी राजनीतिक और कारोबारी रंजिश ज्यादा है। दरअसल विरोध करने वालों के खिलाफ लॉकडाउन के दौरान प्रतिष्ठान खोलने की शिकायत की गयी थी।
पुलिस ने कार्रवाई कर दी थी। उसका हिसाब विरोध कर चुकता किया जा रहा है। कुछ इसी तर्ज पर संयुक्त गढ़ रोड व्यापार समिति ने भी रविवार के बंद के बजाए शनिवार के बंद का ऐलान किया है।
ये फैसला अध्यक्ष नरेश बंसल, महामंत्री विपुल सिंहल, मदनलाल अग्रवाल, प्रमोद चंद्र केला ने बैठक कर लिया है। नाम न छापे जाने की शर्त पर एक बड़े व्यापारी नेता की टिप्पणी की कि नवीन गुप्ता से पुराना हिसाब चुकता किया जा रहा है और कुछ नहीं।
राजनीति आगे, मुद्दा पीछे: व्यापारी नेताओं की आपसी घमासान में अमन जैन के हत्यारों की गिरफ्तारी का मुद्दा अब पीछे धकेला जा रहा है।
व्यापारी नेताओं की यदि बात की जाए तो वो अब केवल बजाय हत्याकांड को लेकर प्रेशर पुलिस प्रशासन पर दवाब बनाने के बंद के नाम पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की बात ही कर रहे हैं। बजाय बंद को सफल बनाने के विरोधी के बंद को असफल करने को लेकर पूरी ताकत लगायी जा रही है।
सूरजकुंड व्यापार संघ ने किया समर्थन: कारोबारी हत्याकांड के विरोध में व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता की ओर से दी गयी बंद का सूरजकुंड रोड स्पोटर्स गुड्स व्यापार संघ ने समर्थन किया है। अध्यक्ष अनुज सिंहल की अध्यक्षता में हुई पदाधिकारियों की बैठक में अमन जैन की हत्या की कठोर निंदा की गयी।
अनुज सिंह ने कहा कि कारोबारी हत्याकांड को लेकर सभी व्यापारी नवीन गुप्ता के साथ हैं। शनिवार तक यदि हत्यारे नहीं पकड़े गए तो रविवार को पूरा मेरठ बंद कराया जाएगा। बैठक में कोषाध्यक्ष स. इकबाल सिंह, संगठन मंत्री मनीष अग्रवाल, उपाध्यक्ष जगदीश कुमार आदि शामिल रहे।
शास्त्रीनगर और जागृति विहार के बाजार आज बंद रहेंगे

जागृति विहार में सर्राफ अमन जैन की हत्या के विरोध में शनिवार को शास्त्रीनगर और जागृति विहार के बाजार बंद रहेंगे। मेरठ में बाजार बंदी को लेकर सर्राफ सतीश जैन की स्थानीय संस्था व्यापार संघ जागृति विहार सेक्टर-दो के अध्यक्ष केपी सिंह, महामंत्री दीपक रस्तोगी तथा शास्त्री नगर जागृति विहार संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन शर्मा से फोन पर बात कर उनकी संयुक्त गढ़ रोड व्यापार समिति से वार्ता की गई। तीनों ही पदाधिकारियों ने गढ़ रोड को बंदी से मुक्त रहने के लिए कहा।
स्थानीय संस्था का मत है कि पहले जागृति विहार, शास्त्री नगर, नई सड़क से लेकर जागृति विहार तक शनिवार को बंद कर पुलिस प्रशासन पर अपनी बात लखनऊ तक पहुंच कर घटना को खोलने का दबाव बनाया जाएगा, तथा इस एक दिन की आंशिक बंदी के उपरांत अगर घटना को खोलने की तरफ कोई कदम बढ़ता नहीं दिखता किसी की गिरफ्तारी नहीं होती तब इसके बाद बैठकर अगली रणनीति तय की जाएगी।
इन सब बातों को सभी कार्यकारिणी सदस्यों के बीच रखा गया तथा एकमत से निर्णय लिया गया कि शनिवार को शास्त्री नगर व जागृति विहार के बाजार बंद रहेंगे तथा शनिवार की बंदी के पश्चात ही परिस्थितियों को देखकर मीटिंग कर घटना को किस प्रकार खोला जा सकता है किस प्रकार पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया जा सकता है उसका निर्णय लिया जाएगा।
संयुक्त गढ़ रोड व्यापार समिति की कार्यकारिणी बैठक नरेश बंसल की अध्यक्षता में की गई। इस बैठक का संचालन महामंत्री विपुल सिंघल ने किया।
इस बैठक में अध्यक्ष नरेश बंसल, महामंत्री विपुल सिंघल, कोषाध्यक्ष मदनलाल अग्रवाल, प्रमोद चंद केला, नवीन कुमार अग्रवाल, विनय अरोड़ा, पीयूष अरोड़ा, नीरज अग्रवाल, ऋषि अग्रवाल, अनुराग बंसल, नीरज शर्मा, अशोक महेश्वरी, विवेक शर्मा, चिराग कक्कड़, अरविंद सैनी आदि मौजूद रहे।
श्रवण कुमार जैसा था मेरा बेटा, सब खत्म हो गया

- मां के बिस्तर पर होने से पूरा घर वहीं संभाल रहा था
- दोनों टाइम खाना बनाने से लेकर दुकान संभालता था
हताश और दु:खी पिता घर के बाहर अपनी बेटी नेहा के साथ बैठकर अतीत में खोये हुए हैं। तभी पुलिस वहां आ जाती है और उनसे बातचीत करने के लिये बैठ जाती है।
जैन परिवार के लिये यह अब तक का सबसे बड़ा हादसा है जो शायद जिंदगी में न भुलाया जा सके। सिर पर पट्टी बांधे और आंखों में आंसू भरे निराश सतीश चन्द्र जैन ने बताया कि रीढ़ की हड्डी की बीमारी के कारण तीन साल से बिस्तर पर हैं। ऐसे में बेटे ने शादी न करने को ऐलान किया और पूरी तरह से मां की सेवा में लग गया था।
पुलिस अधिकारियों से बातचीत में पिता ने बताया कि जिस वक्त बदमाश लूटपाट कर रहे थे उस वक्त अमन रसोईघर में पुलाव बना रहा था। शोर सुनकर बाहर आया तो एक बदमाश को उसने पीछे से पकड़ लिया।
इस बीच दूसरे बदमाश ने पहली गोली कमर में मारी और दूसरी गोली कनपटी में मार दी जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। उन्होंने बताया कि जिस वक्त बदमाश बेटे को पकड़े हुए थे उस वक्त उन्होंने अमन को छोड़ने को कहा था, लेकिन बदमाशों के सिर पर खून सवार था।
निराश पिता ने बताया कि अमन बहुत ही आज्ञाकारी बालक था। वो सुबह और शाम का खाना खुद बनाता था क्योंकि उसकी मां बिस्तर से उठने लायक नहीं है। बेटी नेहा की शादी हो जाने के बाद पूरी जिम्मेदारी उसके ऊपर ही आ गई थी। इस कारण वो शादी के लिये तैयार नहीं होता था। उसका कहना था कि शादी होने के बाद वो मां की सेवा ठीक से नहीं कर पाएगा।
बेटे का पराठा मां ने खाया
जिस वक्त अमन की हत्या हुई उससे आधा घंटा पहले उसने मां के कहने पर पराठा बनाया था। मां को पराठा देने से पहले उसकी हत्या हो गई थी। रसोईघर में पराठा वैसा ही प्लेट में रखा हुआ था।
परंपरा के मुताबिक घर में शोक होने पर खाना वगैरह सब हटा दिया जाता है, लेकिन अमन की मां ने रोते हुए कहा था कि वो अपने बेटे का आखिरी पराठा जरुर खाएंगी। शुक्रवार को गम में डूबी मां ने बेटे के हाथ का बना आखिरी पराठा खाकर उसे श्रद्धांजलि दी। ये बताते हुए सतीश जैन रो पड़े और बोले कि मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई।
32 लाख रुपये का लोन लिया था बेटे ने
मूलरूप से अमीनगर सराय के रहने वाले सतीश जैन 32 सालों से जागृति विहार में रह रहे है। पांच साल पहले उन्होने बेटे को सर्राफ का काम शुरू करवाया था।
बेटे की मौत के बाद अब वो इस काम को दोबारा नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि 67 साल की उम्र में सर्राफ का काम मुश्किल है, क्योंकि दुकान में इस कदर लोग आते हैं कि सामान की रखवाली करना एक अकेले व्यक्ति के बस की नहीं है।
घर में सिर्फ दो लोग ही बचे हैं और पूरा भार आ गया है। उन्होंने बताया कि बेटे ने कोरोना काल में 32 लाख रुपये का लोन लिया हुआ था। सरकार के एमएसएमईएम स्कीम से भी लोन लिया था।
सपा नेता अतुल प्रधान ने दिये एक लाख
अमन जैन हत्याकांड के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तमाम नेताओं ने भाषण दिये और आश्वासन देकर चले गए, लेकिन सपा नेता अतुल प्रधान ने न केवल एक लाख रुपये दिये बल्कि 16 सितंबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात कराने का आश्वासन भी दिया। सपा नेता गुरुवार को शोक सभा में आने के बाद रात के वक्त दोबारा पीड़ित के घर आए थे।

