सिविल सेवा की कर रही है तैयारी, डीएम बनने का है सपना
2012 से प्राइवेट नौकरी कर घर से अलग रह कर रही परीक्षा की तैयारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मैं सिविल सेवा की तैयारी कर रही थी, पीसीएस किसी के कहने पर भरा था। डीएम की पोस्ट के लिए आगे बढ़ना है। यह इसलिए भरा था फाइनेंसियली सैटल हो जाऊं। परिवार से कोई सहयोग नहीं थी।
भाईयों ने रिश्ता तोड़ लिया था,जिसके बाद से प्राइवेट नौकरी कर अपना खर्चा चला रही हूं और पढ़ रहीं हूं। यूपीपीसीएस में सफल होने की बहुत खुशी है, मगर मुझे अभी अपने भाईयों को डीएम बनकर दिखाना है।
यह कहना यूपीपीसीएस 2018 के घोषित परिणाम में 145वीं रैक हासिल करने वाली मेरठ के निकट किठौर कस्बे के पास स्थित गांव साफियाबाद लोदी की मूल निवासी संजू कुमारी का।
संजू की माता का देहांत हो चुका है और पिता शारीरिक रूप से विकलांग है। संजू का कहना है कि उनके पिता चाहते थे कि बीएड कर शिक्षिका बनें, मगर भाई इसके भी खिलाफ थे।
भाइयों ने पिता को भी अपने साथ कर लिया। मैं सिविल सेवा की तैयारी करना चाहती थी, इसको लेकर ही भाईयों ने रिश्ता तोड़ लिया। सात भाई बहनों में संजू के तीन भाई है और तीन बहनें।
भाई वास्ता नहीं रखते है, संजू का कहना है कि भाई चाहते थे कि पढ़ाई छोड़कर शादी कर लूं। ऐसे में 2012 से मेरठ के विभिन्न प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हुए वह अपना खर्चा भी चलाती रही और पढ़ाई भी जारी रखी।
वर्तमान में मेरठ स्थित सिविल एकेडमी में पढ़ा रही है, जबकि पहले वहां की स्टूडेंट भी रह चुकी है। प्रतिदिन रात आठ बजे से सुबह चार बजे तक पढ़ाई करती है।
संजू ने अपनी विधवा बहन को भी सहारा देते हुए अपने पास रखा हुआ है, साथ ही छोटी बहन जो थोड़ा मंद बुद्धि है वह भी संजू के पास रहती है। संजू का सपना डीएम बनने का है।
डीएम रहकर वह समाज में जो उनके साथ हुआ उस सोच को बदलना चाहती है साथ ही देश और समाज के लिए ऐसा कार्य करना चाहती है, जिससे बदलाव आए।

