अग्नि सुरक्षा बचाव व जागरुकता जनसंवाद कार्यक्रम में पहुंचे आईपीएस डीजी अग्निशमन
इंडस्ट्रियल फायर, केमिकल फायर या बहुत ऊंची इमारतों में आग से निपटेगा ड्रोन
जनवाणी संवाददाता |
परतापुर/मेरठ: अब अग्निशमन विभाग भी उच्च तकनीक से लैस होगा। हाइराइज बिल्डिंग और इंडस्ट्रियल हजार्ड्स फायर को बुझाने के लिए ड्रोन की एंट्री होगी। साथ ही इंडस्ट्रियल फायर, केमिकल फायर या बहुत ऊंची इमारतों में आग से अब ड्रोन मुकाबला करेगा। ताकि समय पर आसानी से आग पर काबू पाया जा सके।
आज गुरूवार को डीजी अग्निशमन अविनाश चंद्र मेरठ पहुंचे और अग्नि सुरक्षा बचाव व जागरुकता जनसंवाद में शामिल हुए। कार्यक्रम में डीजी अग्निशमन ने कहा कि इंडस्ट्रियल फायर, केमिकल फायर या बहुत ऊंची इमारतों में आग लगने की जो घटनाएं होती हैं उस पर काबू करने के लिए ड्रोन का उपयोग होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रोबोटिक्स का इस्तेमाल भी फायर कंट्रोलिंग में करेंगे।
व्यापारियों के लिए फायर एनओसी आसान
डीजी अविनाश चंद्र ने आगे कहा कि 35 लाख करोड़ के निवेश के एमओयू साइन हुए हैं। इसमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए विभाग ने काफी पहल की है। फार्म को सरलीकरण किया है। फायर की एनओसी फार्म का सरलीकरण किया जा रहा है। 85 फील्ड की जगह 25 फील्ड कर रहे हैं।
सेल्फ सर्टिफिकेशन का प्रोविजन भी कर रहे हैं। जो 15 मीटर से कम की बिल्डिंग हैं साथ ही जो 500 स्क्वायर मीटर फ्लोर कवर एरिया से कम के भवन हैं। ऐसे भवन स्वामी सेल्फ सर्टिफाइड कर देंगे कि उनके यहां फायर फायटिंग सिस्टम लगा है तो यह मान लिया जाएगा कि उनके यहां फायर फायटिंग सिस्टम लगा है। उनको एनओसी दे दी जाएगी।
इलेक्ट्रानिक शार्ट सर्किट से सबसे ज्यादा आग लग रही है। इसलिए अपने यहां बिजली कनेक्शन और सिस्टम की ऑडिटिंग कराएं। हर ब्लॉक में 100, पूरे यूपी में 830 ब्लॉक हैं 91हजार के करीब फायर वालंटियर्स बनाए हैं उनका काम यही है कि वो लोगों को आग न लगे कैसे सुरक्षा बरतें बताएं साथ ही आग लगने पर कैसे बचाव करें, क्या करें क्या न करें इसकी जागरुकता फैलाएं। आग लगे तो कैसे भागें, क्या करें इवेक्यूऐशन ड्रिल के बारे में बताते हैं।
उन्होंने कहा कि फायर कर्मी को हमेशा आपात स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। इस दौरान मौके पर सीएफओ, एफएसओ, एएसपी शुभम अग्रवाल, सीओ ब्रह्मपुरी सुचित्रा सिंह आदि मौजूद रहे।