जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: डीआईजी कलानिधि नैथानी ने शनिवार को अचानक थाना सदर बाजार पहुंचकर सभी को चौंका दिया। उन्होंने समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायतें सुनी और थाना पुलिस के तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। साथ ही फरियादियों से कहा कि यदि कोई समस्या हो तो उनके कार्यालय में आकर बताएं। इसके बाद उन्होंने थाने का आंशिक निरीक्षण भी किया गया।
निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, थाना कार्यालय के अभिलेखों को चेक किया गया, अभिलेखों को अद्यावधिक करने, बेहतर जनसुनवाई कर प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण त्वरित निस्तारण करने एवं अपराध की रोकथाम व अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के लिए सभी सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। डीआईजी नैथानी ने पूरे थाने के स्टाफ को जमा कर वाहनों की नीलामी एवं माल निस्तारण की कार्रवाई मे तेजी लाए जाने, फ्लाईशीट मे सभी प्रविष्टियां पूर्ण रखी जाये तथा एचएस की नियमित निगरानी व स्टेटस दर्ज करने, महिला हेल्प डेस्क रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर एवं रजिस्टर नम्बर-आठ का उचित रखरखाव, लम्बित विवेचनाओं का समय से सही निस्तारण व वांछितो की शीघ्र गिरफ्तारी, थाना क्षेत्र के लोगों से संवाद करें एवं सवेदनशील इलाको में गस्त बढाने तथा थाने की बैरक, मैस, परिसर आदि की बेहतर साफ-सफाई के लिए भी निर्देश दिए।
20 दिन से लापता शख्स का शव नाले से बरामद
मेरठ (जनवाणी): ब्रह्मपुरी क्षेत्र के माधवपुरम चौकी की चंद कदमों की दूरी पर शराब के ठेके के सामने 20 दिन से लापता 50 वर्षीय अधेड़ का शव नाले में मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा परिवार के लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए थाने पर क्या हंगामा पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी। परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस के मुताबिक माधवपुरम सेक्टर-3 के ठेके के सामने नाले में शनिवार की देर शाम डी ब्लॉक समर कॉलोनी निवासी 50 वर्षीय अधेड़ कमालुद्दीन का शव मिला है। परिवार के लोगों ने बताया कि 20 दिन से पिता लापता हो गए थे। परिवार के लोगों ने काफी तलाश करने के बाद युवक नहीं मिला था जिसकी थाने में गुमशुदा की दर्ज कराई थी। फिलहाल पुलिस ने सबको पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।
जेल में बंद साहिल से मिलने पहुंचा भाई देवांश
मेरठ (जनवाणी): सौरभ राजपूत हत्या कांड में जेल में बंद साहिल शुक्ला से उसका भाई देवांश शनिवार को मिलाई को पहुंचा। एक दूसरे को देखकर दोनों गले मिले और फूट-फूटकर रोने लगे। देवांश और साहिल को समझ में नहीं आ रहा था कि एक दूसरे से क्या कहें क्या बोलें। अन्य बंदियों ने किसी प्रकार उन्हें संभाला। साहिल शुक्ला को जेल में शनिवार को पूरे 52 दिन हो चुके हैं। अब तक उससे मिलने कोई नहीं आया था। हालांकि मुस्कान से अब तक उसकी दादी पांच बार मिलकर जा चुकी है लेकिन साहिल शुक्ला से परिजनों ने दूरी बनायी हुई थी, शनिवार को परिवार के नाम पर उसका भाई मिलने को पहुंचा था।

