Friday, March 20, 2026
- Advertisement -

कैडर बेस पार्टी में अनुशासन तार-तार, जमकर चले लात-घूंसे

  • भाजपा जिलाध्यक्ष के सामने कार्यकर्ताओं में हुई मारपीट, कपड़े फटे
  • रजपुरा ब्लॉक कार्यालय में सदस्यता अभियान की बैठक में हुआ हंगामा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: है ना हैरत की बात कि भाजपा अपने आपमें एक अनुशासित पार्टी है, लेकिन उसके भाजपा कार्यकर्ता शायद इस बात पर अमल नहीं कर रहे हैं। भाजपा का सदस्यता अभियान शुक्रवार को कार्यकर्ताओं की मारपीट की भेंट चढ़ गया। जिलाध्यक्ष के सामने ही कार्यकर्ताओं में जमकर जूतम पैजार हुई। दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। इस दौरान बीच-बचाव को पहुंचे कई नेताओं के भी घूंसे लगे। जिलाध्यक्ष बीच बचाव कराने लगे तो उन्हें भी धकिया दिया गया। इसके बाद वह अलग हट गये और तमाशा चलता रहा।

दरअसल, आजकल भाजपा का सदस्यता अभियान चल रहा है। इसके लिए जगह जगह पर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। ऐसा ही एक कार्यक्रम रजपुरा ब्लाक में भाजपा के ब्लॉक कार्यालय पर आज रखा गया। जिलाध्यक्ष शिव कुमार राणा की मौजूदगी में कार्यालय में भाजपा के सदस्यता अभियान को लेकर बैठक चल रही थी। तभी जिला पंचायत सदस्य कृष्णा राणा का बेटा दुष्यंत राणा खड़ा हो गया। उसने चिल्लाते हुए कहा कि भाजपाई बताकर जिन्हें सदस्य बनाया जा रहा है, वो सारे बसपा व सपा वाले हैं, जो चंद दिन पहले ही भाजपा में आए हैं और अब खुद को भाजपाई बता रहे हैं।

दुष्यंत का इतना कहना था कि वहां हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते सदस्यता अभियान की बैठक जंग के मैदान में तब्दील हो गई। वहीं, दूसरी ओर दुष्यंत के इतना कहते ही वहां का माहौल गरमा गया। वहां मौजूद पूर्व विधायक रविंद्र पुंडीर के भांजे तरुण तोमर व एक अन्य कार्यकर्ता कौशल ने इसका विरोध किया। नौबत गाली-गलौज की आ गयी। हालांकि जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा ने हंगामा व गाली-गलौज कर रहे दुष्यंत व तरुण को बैठक से बाहर कर दिया।

दोनों कक्ष से बाहर निकले वो एक-दूसरे पर टूट पडेÞ। जमकर गाली-गलौज व लात-घूंसे चले। सदस्यता बैठक जंग के मैदान में तब्दील हो गयी। जिलाध्यक्ष ने बीच बचाव का प्रयास किया तो उनसे भी अभद्रता कर दी गयी। अन्य जो बडेÞ नेता वहां मौजूद थे और बीच-बचाव कराने पहुंचे थे, उनके मुंह पर भी घूंसे लग गए। काफी देर तक हंगामी स्थिति बनी रही। लोगों ने इसके वीडियो बनाकर वायरल कर दिये।

ये बोले-जिलाध्यक्ष

इस मामले में जब संगठन के जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि कोई विवाद नहीं। बाद में दोनों को बुला कर हाथ मिलवा दिए गए हैं। दोनों ही संगठन के सिपाही हैं।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

चंदन, वंदन और जोरदार अभिनंदन

लोकतंत्र भी हिन्दी फिल्मों की तरह है। हिन्दी फिल्में...

एलपीजी पर पैनिक होने की जरूरत नहीं

विरोध के नाम विरोध या सत्ता के लालच में...

युद्ध की बदलती तकनीक

विश्व के सैकड़ों देशों के पास अपनी भूमि की...

LPG: ‘अपने सिलिंडर की डिलीवरी पर भरोसा रखें, अफवाहों पर नहीं’- पेट्रोलियम मंत्रालय

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव...
spot_imgspot_img