- खुलेआम की जाती है अवैध रूप से रिफलिंग
- हादसे के बाद भी अधिकारियों ने नहीं लिया कोई सबक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में खुलेआम घरेलू गैस का इस्तेमाल कमर्शियल रूप में किया जाता है। जगह-जगह गैस रिफलिंग करने का कार्य किया जा रहा है उसके बावजूद जिलापूर्ति विभाग के अधिकारी आंखे मूंदे हैं। जब कोई हादसा होता है उसकी बाद अधिकारियों की नींद खुलती है।
आनन फानन में एक दो जगहों पर अभियान चलाकर इतिश्री कर ली जाती है। लेकिन शहर की हर गली मोहल्ले में मिठाई की दुकानों, ठेले वालों व शादी विवाहों में धड़ल्ले से बिना मानकों को ध्यान में रखे घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जाता है जिससे हादसा होने का डर बना रहता है।
अभी हाल ही में तीन दिन पूर्व नूर नगर में घरेलू सिलेंडर में गैस लीक होने के बाद एक बड़ा हादसा हुआ। जिसमें दो लोगों की जान तक चली गई। इसके बाद अधिकारियों की आंख खुली और उनकी ओर से एक दिन के लिये अभियान चलाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने काफी संख्या में अवैध सिलेंडर पकड़े।
उसके बावजूद अगले दिन कोई अभियान नहीं चला। यहां बता दें कि शहर में जगह-जगह ठेलों, दुकानों, शादी विवाह समारोह में खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्मेमाल किया जाता है। जिससे हादसा होने का डर बना रहता है उसके बावजूद सबकी आंखे बंद है।
किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं जाता। लोग घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल मिठाई की दुकानों, चाय की दुकानों, ठेलों पर आदि में करते आ रहे हैं। जबकि नियमानुसार कमर्शियल सिलेंडर का ही इस्तेमाल इस तरह के कार्यों के लिये किया जाता है।
खुलेआम किया जा रहा लोगों की जान से खिलवाड़
दुकानदार थोड़े से पैसे बचाने के चक्कर में अपनी जान के साथ-साथ लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। दुकानदारों के द्वारा कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल न करके घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे हादसे का डर हमेशा बना रहता है।
शहर में नई सड़क स्थित शिवा स्वीट्स, ऐग कोर्नर, के ब्लॉक स्थित शिव शक्ति स्वीट्स, एल ब्लॉक स्थित रॉयल स्वीट्स सभी के यहां घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल होता पाया गया। इनका इस्तेमाल भट्टी में किया जाता है जो कि सबसे खतरनाक है। घरेलू सिलेंडर 14.2 किलो का होता है जिसकी कीमत 817 रुपये है।
वहीं कमर्शियल सिलेंडर में 19 किलो गैस होती है जिसकी कीमत 1605 रुपये है। लोग थोड़े से पैसे बचाने के चक्कर में अपनी जान के साथ-साथ अपने यहां सामान लेने आने वाले और आस-पास के लोगों की जान के साथ भी खिलवाड़ करते हैं।
वहीं जब गैस सिलेंडरों के खिलाफ चलाये गये अभियान को लेकर एआरओ जोगेन्द्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसी अन्य कार्य की वजह से अभियान नहीं चल पाया था। आगे अभियान जारी रहेगा।
क्या है मानक
कमर्शियल यूज के लिये कमर्शिलय सिलेंडर का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। क्योंकि कमर्शिलय सिलेंडर भट्टी आदि के हिसाब से चलते हैं। इनका प्रेशर तेज होता है और रेग्यूलेटर भी अलग होता है, लेकिन घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल केवल घर के गैस चूल्हे पर ही किया जा सकता है।
अगर, घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल भट्टी पर किया जाता है तो दुकानदार उसका प्रेशर बढ़ाता है जिससे रेग्यूलेटर खराब होने पर हादसे का खतरा बना रहता है।

